90 के दशक के हॉरर शो आज भी लोगों को मुंह जुबानी याद हैं। इनके नाम, इनका म्यूजिक और इनका स्टोरी प्लॉट, सभी खूब डरावने थे।आज आपको बताते हैं 90 के दशक के उन हॉरर शो के बारे में जिन्हें रात में देखते जरूर थे, लेकिन ये शो रातों की नींद उड़ा देते थे।
याद कीजिए वो 90 का दशक जब टीवी पर हॉरर शो देखने के लिए जिगरा चाहिए होता था। सबके पास इन्हें देखने की हिम्मत नहीं होती थी। उस समय कोई खुद को कितना भी तीस मार खां क्यों न समझता हो, लेकिन डर सबको लगता था। उस दौर में बच्चे भले ही जिद करके डरावने शो देख लें, लेकिन रात में अकेले बाहर निकलने के लिए टॉर्च लेना, अकेले नींद न आना जैसी चीजें आम थीं। तो चलिए आज आपको याद दिलाते हैं 90 के दशक के वह हॉरर शो जिनकी वजह से रातों की नींद उड़ जाती थी।
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शशशश कोई है...
इस शो का तो नाम ही लोगों को डराने के लिए काफी था। लेकिन इस धारावहिक के साथ टेलीविजन पर हॉरर सीरियल का एक नया दौर शुरू हुआ। इस धारावाहिक में एक हीरो लाया गया, जो अपनी टीम के साथ भूत को पकड़ लिया करता था। विकराल का किरदार इस सीरियल में मामिक ने निभाया था। शुरुआत में धारावाहिक को खूब टीआरपी मिली, लेकिन धीरे धीरे इसकी लोकप्रियता कम होती गई।
आहट
ये शो भारतीय दर्शकों में काफी पॉपुलर था। इसका बैकग्राउंड साउंड ही काफी डरावना था। सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले इस धारावाहिक को लोगों ने खूब पसंद किया। ये पहला ऐसा भुतहा शो था जिसमें कंप्यूटर ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया गया था।
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अचानक 37 साल बाद
ये शो भी सोनी टीवी पर आता था। इसमें छोटे कस्बे की एक कहानी दिखाई गई थी, जो 37 साल बाद वहां होने वाली अनहोनियों पर आधारित थी।
मानों या न मानों
ये शो रिप्ले की किताब मानों या न मानों पर आधारित था। इसको इरफान खान होस्ट करते थे। इस शो में भी प्राचीन मान्यताओं, मिथकों और अलौकिक तत्वों से संबंधित कहानियों को शेयर किया जाता था।
वो
साल 1998 में आया सीरियल 'वो' एक गुड्डे की कहानी थी, जो हूबहू जोकर की तरह दिखता था। उसके अंदर बुरी आत्मा का प्रवेश था। हालांकि ये सीरियल लोगों को डराने में उतना कामयाब नहीं हुआ था।