क्या बोले मुकेश खन्ना?
मुकेश खन्ना ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ‘मैं तीन साल पहले ये बात बोल चुका हूं कि ''वंदे मातरम'को राष्ट्रगीत बनाया जाए। ये 'जन गण मन' हमारा नहीं है। ये क्वीन एलिजाबेथ के जमाने में उनके मान में रवींद्रनाथ टैगोर ने स्तुति गान लिखा था। उसको हमने अपना मान लिया। 'भाग्य विधाता पंजाब सिंह',अरे ये हमारा नहीं है। हमारा है 'वंदे मातरम', जिसे लता जी ने गाया है।'
कहां चूके मुकेश खन्ना?
अपने इस बयान में मुकेश खन्ना ने दो गलतियां कीं। दोनों यहां समझिए...
- पहली गलती यह कि अभिनेता ने कहा कि वो तीन साल पहले बोल चुके हैं कि 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगीत बनाया जाए, पर वंदे मातरम तो पहले से ही राष्ट्रगीत है।
(उन्हें यहां राष्ट्रगान शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए था।)
- दूसरी गलती मुकेश खन्ना ने तब की जब उन्होंने जन गण मन की कुछ पक्तियां बोलकर सुनाईं। उन्होंने कहा- 'भाग्य विधाता पंजाब सिंह'।
(राष्ट्रगान में सिंह नहीं सिन्ध का जिक्र है।)
खुद भी रिकॉर्ड किया है ‘वंदे मातरम’
बातची में मुकेश खन्ना ने आगे बताया कि उन्होंने खुद भी 'वंदे मातरम' गाना रिकॉर्ड किया है। इसे वह 6 महीने के अंदर रिलीज करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने धृष्टता की थी कल्याणजी-आनंद जी भाई के साथ। दो साल हो गए वो गाना पड़ा है मेरे पास। मैंने 7 मिनट का 'वंदे मातरम' गाना रिकॉर्ड किया है, जो आइकॉनिक बन जाएगा। मैं चाहता हूं कि जितनी जल्दी हो सके 'जन गण मन' को हटाओ और 'वंदे मातरम' को लाओ।'
अपनी बातचीत में आगे एक्टर ने पीएम मोदी की भी तारीफ की और कहा कि उन्हें खुशी है कि वंदे मातरम उठ रहा है।