कलाकार: प्रकृति नौटियाल, मानसी श्रीवास्तव, सना सैयद, संगीता घोष, नायरा बनर्जी।
ओटीटी: हॉटस्टार
स्टार प्लस पर कयामत की रात खत्म हो चुकी है। अब पारलौकिक शक्तियों का घमासान शुरू हुआ है एक नए शो में, जिसका नाम है, दिव्य दृष्टि। स्टारप्लस औऱ हॉट स्टार पर शुरू हुए इस नए शो की परिकल्पना मशहूर फिल्म मेकर महेश भट्ट की है, जिनकी फिल्म राज ने हिंदी सिनेमा में हॉरर फिल्मों का एक नया ट्रेंड शुरू किया।
दिव्यशक्ति दो बहनों की कहानी है जिनके माता-पिता इस बात से परेशान हैं कि उनका पारलौकिक शक्तियां कहीं उनके जी का जंजाल न बन जाएं। ये शक्तियां इन दोनों बच्चियों को पांच साल का होने पर मिलने वाली हैं और जैसे ही इन्हें ये शक्तियां मिलती हैं, इनकी दुश्मन पिशाचिनी को इसकी सूचना मिल जाती है। अगले एपीसोड में दोनों बच्चियां बड़ी हो चुकी हैं लेकिन बिछड़ भी चुकी हैं। दोनों का आमना-सामना एक हादसा होने से पहले होता है। इनमें से एक भविष्य देख सकती है और दूसरी भविष्य बदल सकती है।
टीवी सीरीज में हॉरर का ट्रेंड नया नहीं है, बस हाल के दिनों में ये कहानियां भूत प्रेत के किस्सों से निकलकर उस ढर्रे पर निकल पड़ी हैं, जिनका सिरा साउथ की हिट फिल्म मगधीरा से पकड़ा जा सकता है। आज के समय को पौराणिक किरदारों से जोड़कर कहानी कहने की शुरूआत मार्वेल कॉमिक्स ने की थी, अब भारतीय मनोरंजन जगत को ये फॉर्मूला रास आ रहा है। दिव्य दृष्टि में अभिनय के लिहाज से पहले के दो एपीसोड्स में पिशाचिनी बनीं संगीता घोष सब पर भारी रही हैं।
कहानी में खासा दम तो नहीं है लेकिन इसे कहने का तरीका दिलचस्प है। सीरीज स्पेशल इफेक्ट्स के मामले में कमजोर है और भारतीय टीवी सीरीज व सिनेमा यहीं हॉलीवुड से मार खा जाता है। दिक्कत यहां बजट की भी हो सकती है।