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भारती सिंह और शेखर सुमन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, रद्द हुई FIR; धर्म पर टिप्पणी से जुड़ा है मामला

Fri, 01 May 2026 07:42 AM IST
Sarijuddin एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Bharati Singh And Shekhar Suman: भारती सिंह और शेखर सुमन पर साल 2010 में शो 'कॉमेडी सर्कस का जादू' में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले पर अदालत ने फैसला सुनाया है।
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भारती सिंह, शेखर सुमन - फोटो : एक्स
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विस्तार
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को कॉमेडियन भारती सिंह और अभिनेता शेखर सुमन के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को रद्द कर दिया। यह एफआईआर एक कॉमेडी शो के दौरान कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज की गई थी। अदालत ने दोनों को राहत देते हुए कहा कि कॉमेडी परफॉर्मेंस को गंभीर भाषणों वाले पैमानों से नहीं मापा जाना चाहिए।
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किस मामले में दर्ज हुई थी एफआईआर?
साल 2010 में शो 'कॉमेडी सर्कस का जादू' में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें कॉमेडियन और अभिनेता के अलावा, सोनी और एक स्क्रिप्ट राइटर को भी आरोपी बनाया गया था। यह एफआईआर रजा अकादमी के एक प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि सिंह ने शो में कुरान की एक आयत पर मजाक उड़ाया था, जो इस्लाम के लिए अपमानजनक था। शिकायतकर्ता के अनुसार, सिंह के बाद सुमन ने भी उस आयत को दोहराया था।

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भारती सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम-@bharti.laughterqueen
बचाव पक्ष के वकील की दलील
कॉमेडियन और अभिनेता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील नितिन प्रधान ने कोर्ट में दलील दी कि इन दोनों के खिलाफ पुलिस जांच पूरी तरह से बेबुनियाद थी, क्योंकि वे तो बस एक जज और एक कलाकार के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।
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शेखर सुमन - फोटो : सोशल मीडिया
जज का बयान
जस्टिस अमित बोरकर की एकल पीठ ने एफआईआर को रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में कलाकार और जज लोगों को हंसाने के लिए होते हैं। वे किसी धार्मिक समूह के खिलाफ बयान देने वाले वक्ता की स्थिति में नहीं होते। कोर्ट ने कहा कि दोनों की भूमिका इतनी दूर की थी कि उन्हें शिकायतकर्ता की तरफ से लगाए गए अपराधों के दायरे में नहीं लाया जा सकता।

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