बज गये क्या...9
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने छोटे परदे पर अपनी शुरुआत सन 2000 से की और यह रिश्ता अब तक कायम हैं। कहते हैं कि जब अमिताभ बच्चन छोटे परदे से जुड़े तो व्यवसायिक तौर पर उनकी स्थिति ठीक नहीं थी। छोटे परदे ने उन्हें फिर से न सिर्फ संभाला बल्कि संवारा भी। लेकिन गौर करें तो छोटे परदे के उनके इस जुड़ाव ने न सिर्फ उनके कॅरियर को नई दिशा दी बल्कि छोटे परदे की भी एक नयी परिभाषा गढ़ी। यही वजह है कि कल तक जिस टेलीविजन को बुद्दू बक्से के नाम से जाना जाता था और बड़े परदे के स्टार उस पर दिखना हेय मानते थे। उनमे छोटे परदे से जुडने की होड़ मच गयी। छोटे परदे पर भी क्रांति देखने को मिली। कार्यक्रमों के बजट में जबरदस्त इजाफा हुआ। जिससे छोटे परदे ने भी लार्जर दैन लाइफ को जिया।
कौन बनेगा करोड़पति का जादूगर
सिद्धार्थ बसु ने जब बिग बी को 'कौन बनेगा करोड़पति' शो ऑफर किया था तो खुद बिग बी ने इस बात को माना कि, उनके परिवार, कई मित्रों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने राय दी कि 70 एमएम से सीधे 30 एम एम में आने का उनका फैसला गलत है। लोग कहेंगे कि फिल्मों में काम नहीं मिल रहा इसलिए यहां आ गया लेकिन अमिताभ ने इन सभी बातों को सुनते हुए अपनी दिल की सुनी और शो से जुड़ गये और छोटे परदे पर एक इतिहास रच डाला। अपनी भाषा, अपनी स्टाइल और होस्टिंग के अनोखे गुर से उन्होंने सभी को इस शो का मुरीद बना दिया।
आज जब 'कौन बनेगा करोड़पति' रियैलिटी शो अपने छठे सीजन में पहुंच चुका है तो भी इसका जादू बरकरार है। इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि छठे सीजन के पहले एपिसोड की शुरुआत 6.1 की बंपर रेटिंग से हुई थी। गौरतलब है कि 'कौन बनेगा करोड़पति' के तीसरे सीजन में होस्ट की जिम्मेदारी शाहरुख खान को सौंपी गयी थी लेकिन उनके संचालन में वह बात नजर नहीं आयी और यह सीजन अपने ओरिजीनल होस्ट के पास वापस चला आया। अपने होस्टिंग के स्टाइल और शो में अपनी मौजूदगी से अमिताभ बच्चन ने इस शो को टीआरपी की एक नई ऊंचाईयों पर पहुंचा दिया
बिग बॉस का भी बॉस
'बिग बॉस' के तीसरे सीजन की होस्टिंग अमिताभ बच्चन ने की थी और इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों की मानें तो अमिताभ की मौजूदगी ने उस रियैलिटी शो को न सिर्फ चर्चा में ला दिया बल्कि उसके दर्शकों की संख्या में भी डबल इजाफा कर दिया था। उससे पहले अरशद वारसी हो या शिल्पा शेट्टी शो में वह जादू नहीं जगा पाये थे। अमिताभ की मौजूदगी के कारण ही बिग बॉस घर-घर का हिस्सा बन पाया था। उसके बाद अमिताभ एक बार फिर से 'कौन बनेगा करोड़पति' में व्यस्त हो गए और बिग बॉस की जिम्मेदारी सलमान को मिल गयी लेकिन तब तक बिग बी बिग बॉस को आम आदमी से जोड़ चुके थे।
ब्रांड का शहंशाह
अमिताभ खुद एक ब्रांड नेम हैं। यही वजह है कि 'हम जहां से खड़े होते हैं लाइन वहीं शुरु होती है' कहने वाले बिग बी जब कुछ भी कहते हैं, करते हैं तो उसे पूरा देश सुनता और देखता है। बीते साल यानी 2011 का उन्हें बेस्ट ब्रांड अंबेस्डर एक सर्वे ने घोषित किया। आमिर ,शाहरुख, सचिन और धोनी को सबको उन्होंने पीछे छोड़ दिया था।
आईसीसीआई, कल्याण ज्वेलर्स, तनिष्क, जस्ट डायल, डाबर, पार्कर, बोरोप्लस जैसे कई मशहूर उत्पादों के ब्रांड अंबेस्डर रहे हैं बिग बी। इन्हीं की वजह से भारत सरकार का पोलियो कैपेन 'दो बूंद जिंदगी' शहर से लेकर गांव तक इस कदर अपील कर पाया था।
एक ब्रांड के तौर पर अमिताभ बच्चन के प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब कैडबरी चॉकलेट में कीड़े आने की खबरें आयी और उसकी ब्रिकी में तेजी से गिरावट हुई तो कैडबरी ने एक बार फिर से आम लोगों से खुद से जोड़ने के लिए अमिताभ बच्चन की विश्वसनीय छवि का ही इस्तेमाल किया गया था और उसका असर भी जबरदस्त हुआ। कैडबरी को ना सिर्फ उसकी खोयी हुई विश्वसनीयता वापस मिली बल्कि इसकी ब्रिकी में भी 12 प्रतिशत इजाफा हुआ।