जावेद अख्तर ने भारत के मौलवियों से की अपील
जावेद अख्तर ने 21 फरवरी को एक्स पर लिखा 'तालिबानों ने पत्नी को पीटना लीगल कर दिया है। लेकिन तब तक जब तक किसी की हड्डी न टूटे। अगर कोई पत्नी पति की इजाजत के बिना अपने मायके जाती है, तो उसे तीन महीने की जेल होगी। मैं भारत के मुफ्तियों और मुल्लाओं से गुजारिश करता हूं कि वे इसकी बिना शर्त आलोचना करें। क्योंकि यह सब धर्म के नाम पर किया जा रहा है।'
तालिबान सरकार ने बनाया नया कानून
जावेद अख्तर का यह कमेंट तब आया जब खबर आई कि तालिबान ने अपने सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा के साइन किए हुए 90 पेज के एक बड़े क्रिमिनल कोड को आधिकारिक कर दिया। द इंडिपेंडेंट के मुताबिक, तालिबान के नए पीनल कोड के तहत, कुछ शर्तों के साथ पति को घरेलू हिंसा की काफी हद तक इजाजत है। पति अपनी पत्नी को पीट सकता है, लेकिन सजा तभी मिलेगी जब हमला डंडे से किया गया हो और उससे गंभीर चोट लगी हो। सबूत देने का जिम्मा महिला पर होगा।
महिलाओं को होगी जेल
इसके अलावा, अगर कोई महिला बिना इजाजत अपने पति का घर छोड़ती है, तो उसे तीन महीने तक की जेल हो सकती है। इससे महिलाओं की आजादी और कानूनी सुरक्षा पर रोक लग सकती है।
अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान
बता दें कि साल 2021 में तालिबान, अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज हुआ। तब से वहां महिलाओं के ऊपर कई पाबंदियों की खबरें आ रही हैं।