'महाभारत' में प्रदीप रावत
- फोटो : साभार@imdb
'महाभारत' ने दिलाई घर-घर में पहचान
प्रदीप रावत मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर से ताल्लुक रखते थे। वहीं उनका जन्म हुआ था। उनका लाइटिंग और कैमरों की दुनिया तक का सफर आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर अनुभवी फिल्ममेकर बी.आर. चोपड़ा की नजर उनकी शानदार पर्सनैलिटी पर पड़ी। इसी वजह से उन्हें 'महाभारत' में अश्वत्थामा का रोल मिला। इस रोल ने रावत को घर-घर में लोकप्रियता दिलाई। उनके करियर में एक अहम मोड़ साबित हुआ, जिससे सिनेमा में बड़े मौकों के दरवाजे खुले।
प्रदीप रावत फिल्म 'गजनी' में
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'महाभारत' ने दिलाई घर-घर में पहचान
प्रदीप रावत मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर से ताल्लुक रखते थे। वहीं उनका जन्म हुआ था। उनका लाइटिंग और कैमरों की दुनिया तक का सफर आसान नहीं था। शुरुआत में उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा, लेकिन फिर अनुभवी फिल्ममेकर बी.आर. चोपड़ा की नजर उनकी शानदार पर्सनैलिटी पर पड़ी। इसी वजह से उन्हें 'महाभारत' में अश्वत्थामा का रोल मिला। इस रोल ने रावत को घर-घर में लोकप्रियता दिलाई। उनके करियर में एक अहम मोड़ साबित हुआ, जिससे सिनेमा में बड़े मौकों के दरवाजे खुले।
इन फिल्मों में किया था काम
प्रदीप रावत ने 'अग्निपथ', 'बागी', 'कोयला', 'मेजर साहब' और 'सरफरोश' जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया था। उन्होंने अधिकांश फिल्मों में सपोर्टिंग रोल निभाए। बावजूद इसके उन्होंने अपनी अच्छी पहचान बनाई। जब आमिर खान की 'गजनी' रिलीज हुई, तो बहुत कम लोगों को उम्मीद थी कि यह कमर्शियल रिकॉर्ड तोड़ेगी। यह फिल्म प्रदीप रावत के करियर के लिए भी एक माइलस्टोन बनी। आज भी, 'गजनी' का नाम आमिर खान के ट्रांसफॉर्मेशन के साथ-साथ प्रदीप रावत की जबर्दस्त और डरावनी परफॉर्मेंस के लिए भी जाना जाता है।