आदर्श गौरव बात-बात में खुद के बाफ्टा नामित अभिनेता होने की दुहाई तो देते ही हैं, मुंबई आने के बाद अपनी गरीबी का मजाक उड़ाए जाने का रोना भी अक्सर रोते दिखते हैं। फिल्म ‘सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव’ की रिलीज से पहले खुद को मालेगांव में रहने वालों जैसा ही दिखाने के लिए उन्होंने जोश टाक्स का एक लंबा वीडियो भी अटक अटककर रिकॉर्ड किया, लेकिन इसका कोई भी फायदा फिल्म को मिला ही नहीं। फिल्म ‘सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव’ की मार्केटिंग टीम ने इस फिल्म का हीरो उन्हें ही बनाया लेकिन फिल्म का पीआर इतना बिखरा बिखरा सा रहा कि इसके एक इंटरव्यू शेड्यूल में तो आधा दर्जन पत्रकारों को एक ही समय पर बुला लिया गया।
फिल्म ‘सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव’ ने एक्सेल एंटरटेनमेंट और टाइगर बेबी की फ्लॉप फिल्मों की लिस्ट में एक नाम और जोड़ा है, वहीं आदर्श गौरव ने अब अपना ध्यान ही हिंदी सिनेमा से हटा लिया है। पता चला है कि इन दिनों वह हैदराबाद में अपनी नई फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। फिल्म ‘आरआरआर’ बनाने वाले डी.वी.वी. दानय्या की बेटी जान्हवी के निर्देशन में वह जिस फिल्म के हीरो बने हैं, वह क्या है, इसे बताने में भी आदर्श फिलहाल हिचक रहे हैं।
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आदर्श कहते हैं, 'यह फिल्म मेरे लिए बेहद खास है-सिर्फ एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान के रूप में भी जिसने हमेशा अपनी जड़ों से एक गहरा भावनात्मक रिश्ता महसूस किया है। तेलुगु मेरी मातृभाषा है, लेकिन अब तक मुझे इस भाषा में अपनी कला दिखाने का मौका नहीं मिला। मैं एक ऐसे परिवार से आता हूं, जो तेलुगु सिनेमा को बहुत प्यार करता है, इसलिए यह अनुभव मेरे लिए घर वापसी जैसा लग रहा है। इस फिल्म से जुड़े सभी लोग वास्तविक और प्रभावशाली कहानियां बताने में विश्वास रखते हैं, और उनकी कहानी चुनने की सोच बहुत अलग और अनोखी है'।