Siddhant Chaturvedi Playing V Shantaram Biopic: हाल ही में भारतीय सिनेमा के जाने-माने फिल्मकार वी. शांताराम की बायोपिक की घोषणा हुई। फिल्म में शांताराम का किरदार अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी निभाएंगे।
फिल्म के निर्माता और वी शांताराम के बेटे किरण शांताराम ने अमर उजाला को बताया कि इस फिल्म की शूटिंग मार्च से शुरू होगी और इसमें सिद्धांत की कास्टिंग से वे काफी संतुष्ट हैं। इसी बीच हमने वी शांताराम के साथ फिल्म 'झन्झार' में काम कर चुके वरिष्ठ अभिनेता सुधीर पांडे से बात की। उन्होंने फिल्ममेकर से जुड़े किस्से साझा किए।
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84 की उम्र में भी सेट पर रहते थे
सुधीर बताते हैं, '84 साल की उम्र में भी वह सेट पर हर जगह मौजूद रहते थे। कैमरा हो, लाइट हो, डांस हो या कॉस्ट्यूम... हर चीज पर उनकी नजर रहती थी। वह आगे की सोच रखने वाले फिल्मकार थे। उनके लिए फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को कुछ सिखाने का जरिया भी थीं।'
एक सेकंड में समझ जाते थे गड़बड़ी
सुधीर ने आगे बताया, ‘शांताराम को काम करते देखना अपने आप में कमाल का अनुभव था। एक बार राज स्टूडियो में शूटिंग चल रही थी। लाइट ठीक से एडजस्ट नहीं हो पा रही थी। तभी शांताराम जी आए, उन्होंने ऊपर की तरफ देखा और एक सेकंड में लाइट की गड़बड़ी समझ गए और उसे ठीक करवा दिया। इसी तरह एक दिन कोरियोग्राफर सरोज खान 20 डांसर्स के साथ रिहर्सल कर रही थीं। सबने एक साथ हाथ उठाया। तभी शांताराम जी बोले- चौथा हाथ गलत जा रहा है। भीड़ में यह छोटी गलती पकड़ पाना आसान नहीं था।’
सिद्धांत चतुर्वेदी
- फोटो : एक्स
रंजना देशमुख के हादसे का बुरा असर
फिल्म 'झन्झार' की शूटिंग के दौरान जब लीड एक्ट्रेस रंजना देशमुख दुर्घटना की शिकार हुईं तो शांताराम पर इसका गहरा असर पड़ा। सुधीर बताते हैं, 'हम शूटिंग लोकेशन पर पहुंचे तभी खबर आई कि रंजना जी का एक्सीडेंट हुआ है। उनके पैरों में गंभीर चोट आईं और इस हादसे के बाद वो व्हीलचेयर पर ही रहीं। शांताराम जी ने इलाज की पूरी कोशिश की लेकिन हालत ठीक नहीं हो पाई। इस घटना का असर फिल्म और शांताराम जी दोनों पर पड़ा। फिल्म पूरी हुई, लेकिन वैसी नहीं बन पाई जैसी पहले सोची गई थी।'
नई पीढ़ी के लिए सीख
सुधीर का मानना है कि यह बायोपिक नई पीढ़ी को शांताराम की सोच और उनके काम की गहराई से रूबरू कराएगी। वहीं सिद्धांत चतुर्वेदी के चयन को लेकर सुधीर ने कहा, ‘वह अच्छे अभिनेता हैं। यह भूमिका आसान नहीं है, लेकिन मेहनत और रिसर्च से इसे निभाया जा सकता है।'