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'आपराधिक व्यवहार सही नहीं ठहराया जा सकता'; सिया गोयल को सपोर्ट करने वाले नेटिजन पर भड़कीं सुचित्रा कृष्णमूर्ति

Sun, 05 Jul 2026 08:48 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ketan Agarwal Case: सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने सिया गोयल का समर्थन करने वाले नेटिजन को आड़े हाथों लिया। सिंगर और अभिनेत्री ने कहा कि कोई भी संस्कृति आपराधिक व्यवहार को सही नहीं ठहरा सकती।
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सुचित्रा कृष्णमूर्ति - फोटो : इंस्टाग्राम-@suchitrakrishnamoorthi
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विस्तार
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पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। केतन की मौत का आरोप उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर है। इस बीच एक नेटिजन ने सिया का बचाव करते हुए तर्क दिया। उस नेटिजन को सिंगर और अभिनेत्री सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने आड़े हाथों लिया है।

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सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने लगाई क्लास
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, अभिनेत्री और सिंगर सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने सिया गोयल को सपोर्ट करने वाले एक यूजर को हाथों लिया है। उन्होंने एक नेटिजन की आलोचना करते हुए कहा कि आपराधिक व्यवहार को सांस्कृतिक अंतर का हवाला देकर सही नहीं ठहराया जा सकता। बता दें कि नेटिजन ने सिया का सपोर्ट करते हुए उसे इस आधार पर सही ठहराने की कोशिश की, कि उसे केतन अग्रवाल से शादी करने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

यूजर ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
दरअसल, एक इंटरनेट यूजर ने दावा किया कि अगर सिया अमेरिका या यूरोप में होतीं, तो उन्हें अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ रहने का मौका मिलता और केतन से शादी करने का उन पर कोई दबाव नहीं होता। यूजर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अगर सिया और चेतन अमेरिका या यूरोप में होते, तो वे आसानी से साथ रह रहे होते। जबर्दस्ती शादी करना गलत है'।
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सुचित्रा बोलीं- 'शर्म आनी चाहिए'
सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने यूजर को जवाब देते हुए कहा, 'अगर सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, तो उसके पास कई और विकल्प थे, जैसे कि भाग जाना या अपने परिवार के खिलाफ केस करना'। सुचित्रा ने लिखा, 'कोई भी संस्कृति आपराधिक व्यवहार को सही नहीं ठहरा सकती। आपको और उन सभी लोगों को शर्म आनी चाहिए जो ऐसे आपराधिक व्यवहार को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। वह भाग सकती थी, घर से भाग सकती थी, या अपनी मर्जी के बिना शादी के लिए मजबूर करने पर अपने परिवार के खिलाफ केस भी कर सकती थी। लेकिन पहले से योजना बनाकर अपने मंगेतर को पहाड़ की चोटी से धक्का देकर मार डालना। यह एक मनोरोगी (साइकोपैथ) की सोच है'।

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