तमिल सुपरस्टार थलापति विजय के लिए आज का दिन बेहद खास है। फिल्मों के ‘मास्टर’ रहे विजय आज तमिलनाडु के ‘जन नायकन’ बन गए हैं। विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने तमिलनाडु विधानसभा में शानदार जीत हासिल की है। टीवीके प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, इसके साथ ही विजय का मुख्यमंत्री बनना भी अब लगभग तय माना जा रहा है। इस मौके पर जानते हैं कि कैसे एस जोसेफ विजय बन गए फैंस के थलापति विजय? आखिर क्यों विजय को कहा जाता है ‘थलापति’ और क्या है इसके पीछे की कहानी?
फैंस ने विजय को बनाया ‘थलापति’
विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय है, लेकिन उन्हें उनके फैंस और अधिकतर जनता थलापति विजय के नाम से जानती है। साउथ में अपने पसंदीदा कलाकारों को उपनाम देने का ट्रेंड है। जैसे रजनीकांत को थलाइवा यानी बॉस, कमल हासन को उलनायगन यानी यूनिवर्सल हीरो। ऐसे ही विजय को थलापति की उपाधि दी गई है। विजय को रजनीकांत और कमल हासन के बाद तमिल सिनेमा का तीसरा सबसे बड़ा सुपरस्टार माना जाता है। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बड़े नंबर्स में ओपनिंग लेती हैं। पिछले 30 साल से विजय कॉलीवुड में राज कर रहे हैं।
1994 में बने इलाया थलापति
विजय के करियर की बात करें तो उन्होंने अपनी शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1984 से की थी। बतौर हीरो विजय ने पहली फिल्म साल 1992 में आई ‘नालैया थीरपु’ की। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई फिल्में कीं। धीरे-धीरे वो फैंस के बीच अपनी जगह बनाने लगे। इसके बाद साल 1994 में उनके पिता एसए चंद्रशेखर ने फिल्म बनाई ‘रसिगन’। इसमें विजय प्रमुख भूमिका में नजर आए। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट रही और इस फिल्म की सफलता ने ही विजय को इलाया थलापति यानी छोटा कमांडर बना दिया।
ऐसे इलाया थलापति से बने थलापति विजय
इसके बाद विजय को इलाया थलापति के नाम से ही पहचाना जाने लगा। फैंस उन्हें इसी नाम से बुलाते थे और देखते-देखते उनकी गिनती तमिल के सुपरस्टार्स में होने लगी। इसके बाद साल 2017 में विजय के करियर में एक बार फिर ऐसा उछाल आया, जिसने उन्हें इलाया थलापति से थलापति बना दिया।
दरअसल, साल 2017 में विजय एटली के साथ फिल्म लेकर आए ‘मर्सल’। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया। फिल्म को लेकर लोगों की दीवानगी इतनी थी कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
‘मर्सल’ ने ही विजय को छोटा कमांडर यानी इलाया थलापति से थलापति यानी कमांडर विजय बना दिया। ‘मर्सल’ की सफलता के बाद से ही विजय को थलापति उपनाम दे दिया गया। तबसे उनके फैंस उन्हें थलापति विजय के नाम से ही बुलाते हैं।