फिल्म को नहीं मिला सर्टिफिकेट
आपको बता दें कि फिल्म को दिसंबर 2025 में सर्टिफिकेशन के लिए भेजा गया था। सीबीएफसी कुछ कट्स के बाद यू/ए 16+ सर्टिफिकेट देने पर सहमत हो गया था। मेकर्स ने बदलावों को मान लिया और 24 दिसंबर को नया वर्जन सबमिट किया। 5 जनवरी को प्रोड्यूसर्स को बताया गया कि एक शिकायत के बाद सीबीएफसी ने फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया है। शिकायत में कहा गया कि फिल्म ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
क्या है पूरा मामला?
9 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने सीबीएफसी को तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया। उसी दिन, सीबीएफसी ने अपील की। इसके बाद मद्रास हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि सीबीएफसी को जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया था। मद्रास हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। हाई कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई 20 जनवरी को होगी, जबकि सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई 15 जनवरी को होगी।