सुधा कोंगारा की फिल्म 'पराशक्ति' इन दिनों सिनेमाघरों में बनी हुई है। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स की मिली-जुली प्रतिक्रिया हासिल हुई है। अब फिल्म की टीम आज पोंगल के मौके पर दिल्ली पहुंचीं। जहां केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के घर पर फिल्म की पूरी टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर पोंगल मनाया। इस दौरान फिल्म के मुख्य अभिनेता शिवकार्तिकेयन, रवि मोहन और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार जीवी प्रकाश समेत फिल्म से जुड़े कई अन्य कलाकार मौजूद रहे।
जीवी प्रकाश ने इस मुलाकात की एक तस्वीर साझा की, जिसे उन्होंने फिल्म के लिए एक महत्वपूर्ण और यादगार पल बताया। कार्यक्रम की एक तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘तिरुवासगम का प्रदर्शन दिल्ली में पोंगल उत्सव के दौरान हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने किया गया।’ तस्वीरों में अभिनेता शिवकार्तिकेयन भी नजर आ रहे हैं। इसके अलावा एक और तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें पीएम मोदी, शिवकार्तिकेयन, जीवी प्रकाश, रवि मोहन, केनिशा और अन्य लोग नजर आ रहे हैं।
रवि मोहन बोले- सिनेमा को राजनीति से रखें दूर
इस दौरान अभिनेता रवि मोहन ने कहा, ‘दिल्ली के दिल में पोंगल में शामिल होना सभी तमिल लोगों के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। मेरी मुलाकात प्रधानमंत्री से हुई और उनका व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली है। उन्होंने मुस्कुराते हुए हमारा अभिवादन किया और यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। लोग जो चाहें कहेंगे, लेकिन सिनेमा मनोरंजन का माध्यम है, इसलिए इसे यहीं छोड़ दें। राजनीति को इससे दूर रखें।’
शिवकार्तिकेयन बोले- जल्द रिलीज होगी विजय की फिल्म
अभिनेता शिवकार्तिकेयन ने सभी को पोंगल की बधाई देते हुए कहा, ‘ दुनिया भर में तमिल लोग इसे मना रहे हैं। लोग इसे समझ रहे हैं और सही तरीके से ले रहे हैं, और हमारा उद्देश्य लोगों तक पहुंचना है। अगर वे पूरी फिल्म देखेंगे, तो उन्हें समझ आ जाएगा। मेरा कोई प्रचार नहीं है। मैंने विजय को उनके राजनीतिक सफर के लिए व्यक्तिगत रूप से और सोशल मीडिया पर भी शुभकामनाएं दीं। उनकी फिल्म जल्द ही रिलीज होगी।’
सेंसर बोर्ड किसी भी फिल्म को रिलीज से रोक सकता है
भाजपा नेता आर सरथकुमार ने इस मौके पर कहा, 'पराशक्ति तमिलनाडु में हुए हिंदी आंदोलन पर आधारित फिल्म है। यह 1965 के उस दौर पर बनी है जब कांग्रेस सत्ता में थी। उनके साथ जो बर्ताव किया गया, उसका कारण यह था कि वे हिंदी को राजभाषा बनाना चाहते थे। इसलिए फिल्म हिंदी आंदोलन के दौरान जो कुछ हुआ, उसे दर्शाती है। जन नायगम पर सेंसर बोर्ड को कुछ आपत्तियां थीं। सेंसर बोर्ड एक स्वतंत्र निकाय है। मैं भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य हूं और अगर मेरी फिल्म चार साल तक अटकी रह सकती है, तो सेंसर बोर्ड किसी भी ऐसी फिल्म की रिलीज पर आपत्ति जता सकता है, जिसे वह रिलीज के लिए उपयुक्त न समझे।'
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10 जनवरी को रिलीज हुई है फिल्म
सुधा कोंगारा द्वारा निर्देशित 'पराशक्ति' 10 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसमें शिवकार्तिकेयन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।