मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश
मेनन ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर सार्वजनिक बयान देने से परहेज किया था, लेकिन जवाब देने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उनके अनुसार, हेमा कमेटी रिपोर्ट में आरोपी लोग बार-बार उन्हें व्यक्तिगत रूप से अपमानित करने और उनके उठाए गए मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे थे।
असली मुद्दों को दबाया जा रहा है
मेनन ने दावा किया 'जब मैंने उनमें से कुछ लोगों की वित्तीय अनियमितताओं के बारे में सवाल उठाए, तो उन सवालों का जवाब देने के बजाय मुझे व्यक्तिगत अपमान का सामना करना पड़ा। मेरे उठाए गए असली मुद्दों को दबाया जा रहा है, जबकि मेरे बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं।'
हार नहीं मानेंगी श्वेता मेनन
उन्होंने कहा 'मैं डरूंगी नहीं। मुझे चुप नहीं कराया जा सकेगा। मैं हार नहीं मानूंगी। मैं पीछे नहीं हटूंगी। सच सामने आना चाहिए। एएमएमए इससे बेहतर की हकदार है।
मेनन के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा वापस लेने, एड-हॉक कमेटी बनाने के कदम को चुनौती देने और कोर्ट से स्टे लेकर पद पर बने रहने के बाद एएमएमए में अंदरूनी सत्ता संघर्ष चल रहा है।
खबरों के मुताबिक, सदस्यों को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि एग्जीक्यूटिव कमेटी ने 'अनुभव की कमी के कारण हुई गलतियों' को सुधारना शुरू कर दिया है और वह और अधिक जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करती रहेगी।
श्वेता 2025 में बनीं थीं अध्यक्ष
साल 2025 में इतिहास रचते हुए एग्जीक्यूटिव कमेटी ने दो महिलाओं को अपने सबसे ऊंचे पदों पर चुना था। एक्ट्रेस श्वेता मेनन पहली महिला प्रेसिडेंट बनीं और एक्ट्रेस कुकू परमेश्वरन ने जनरल सेक्रेटरी का पद संभाला। हालांकि, इस अहम उपलब्धि पर जल्द ही कई विवादों का साया पड़ गया, जिनसे गिल्ड के अंदर की गहरी दरारें सामने आ गईं और आखिरकार 21 जून को बड़ा टकराव हुआ।