कैसा रहा सामंथा का पिछले पांच साल का सफर?
सामंथा रुथ प्रभु अपने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी जिंदगी के पिछले पांच वर्षों की यात्रा पर बात करती नजर आई हैं। इसी के साथ उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि एक सही मेंटर आपका मार्गदर्शक किस तरह कर सकता है।
सुकून के पल बिताती दिखीं सामंथा
सामंथा रुथ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से आज रविवार को एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें उन्होंने तस्वीरों की एक सीरीज पोस्ट की है। कुछ में वे प्राकृतिक नजारों के बीच सुकून के पल बिताती दिख रही हैं। कुछ में ध्यान लगा रही हैं तो कुछ तस्वीरों में उन्हें गौ सेवा करते हुए देखा जा सकता है। तस्वीरों में सामंथा का बेबी बंप नजर आ रहा है।
जिंदगी की खूबियों पर बोलीं सामंथा
सामंथा ने पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा है, 'ऐसे लोगों और जगहों को ढूंढिए, जो आपको आगे बढ़ने में मदद करें। मुझे लगता है कि जिंदगी में एक समय ऐसा आता है जब आपको लगने लगता है कि आप खुद को अच्छी तरह जानते हैं। खुद से कहते हैं, 'मैं यही हूं। ये मेरी खूबियां हैं, ये मेरी कमियां हैं। ये मेरा तरीका है। शायद मैं बस यहीं तक जा सकता/सकती हूं। लेकिन, पिछले पांच वर्षों ने मुझे कुछ और ही सिखाया है'।
ईशा फाउंडेशन पहुंची सामंथा
- फोटो : इंस्टाग्राम
कहा- 'खुद को बेहतर बनाते रहें'
अभिनेत्री ने आगे लिखा है, 'जब भी मैं यहां आती हूं, तो कुछ नई संभावनाओं के साथ लौटती हूं। एक ऐसा एहसास कि अभी भी बहुत कुछ सीखना है, बदलना है और खुद को बेहतर बनाना है। सही मेंटॉर यही करते हैं। वे आपको यह नहीं बताते कि आपको क्या बनना है? वे आपको याद दिलाते हैं कि खुद को बेहतर बनाने का सफर कभी खत्म नहीं होता। वे आपकी गाड़ी में ईंधन की तरह होते हैं। ऐसे लोगों को ढूंढें। ऐसी जगहों को ढूंढें। खुद को बेहतर बनाते रहें। आपमें हमेशा कुछ नया खोजने के लिए होता है।
बता दें कि ईशा फाउंडेशन की स्थापना आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने की है।