दिवंगत गायिका एस. जानकी
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कर्नाटक सीएम ने की थी राजकीय सम्मान की घोषणा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने रविवार सुबह ही गायिका एस. जानकी को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने कहा था, ‘राज्य सरकार मैसूर में उनके अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई देगी।’
भारतीय संगीत में इस दिग्गज गायिका के बेमिसाल योगदान को याद करते हुए, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संजोकर रखने की कोशिश की जाएगी। वह कहते हैं, ‘एस. जानकी भारत की सबसे मशहूर गायिकाओं में से एक थीं, जिन्होंने कई भाषाओं में 40,000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने अपना पहला गाना मैसूर में रिकॉर्ड किया था और उनका आखिरी गाना भी वहीं रिकॉर्ड हुआ था। हालांकि वह हैदराबाद में रह रही थीं, लेकिन उन्हें मैसूर से हमेशा लगाव रहा और वह अपने आखिरी दिन वहीं बिताना चाहती थीं। मैंने उनके परिवार के सदस्यों से बात की है और उन्होंने मैसूर में उनका अंतिम संस्कार करके उनकी इच्छा का सम्मान करने का फैसला किया है। हम उन्हें पूरा राजकीय सम्मान देंगे। उन्हें भारत के राष्ट्रपति से चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले थे और देश भर से 33 बड़े पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए थे। हम भारतीय संगीत में उनके अहम योगदान का बहुत सम्मान करते हैं।’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘आने वाले दिनों में मैं फिल्म इंडस्ट्री में अपने साथियों के साथ चर्चा करूंगा कि हम उनकी विरासत को कैसे संजोकर और सुरक्षित रख सकते हैं, ताकि उनका नाम और असाधारण योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहे।’
20 भाषाओं में गाए थे एस. जानकी ने मधुर गीत
दिग्गज गायिका एस. जानकी को दक्षिण भारत की नाइटिंगेल के नाम से जाना जाता था। उन्हें प्रशंसक प्यार से जानकी अम्मा भी कहते थे। एस. जानकी ने अपने संगीत करियर की शुरुआत 20 वर्ष की उम्र से कर दी थी। उन्होंने लगभग 48 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए थे। 6 दशक के अपने संगीत करियर में उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी के अलावा लगभग 20 भाषाओं में गाने गाए।