प्रोटोकॉल अधिकारी का बड़ा दावा
प्रोटोकॉल अधिकारी बसवराज एक कांस्टेबल हैं। उनकी तैनाती केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे पुलिस स्टेशन पर थी। उन्होंने कहा कि वह डीजीपी रामचंद्र राव के सीधे आदेश पर काम कर रहे थे। उनकी जिम्मेदारी थी कि रान्या की हवाई अड्डे पर आने-जाने की प्रक्रिया आसान हो। बसवराज ने कहा कि जिस दिन रान्या को गिरफ्तार किया गया उस दिन शाम छह बजकर 20 मिनट पर उनके पास रान्या का फोन आया था। बसवराज के मुताबिक रान्या ने उनसे कहा था कि वह दुबई से बेंगलुरु पहुंच रही हैं और उन्हें प्रोटोकॉल मदद चाहिए।
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तस्करी में संबंध होने से किया इनकार
गौरतलब है कि बसवराज उस समय हवाई अड्डे पर मौजूद थे जब रान्या जा रही थीं। तभी डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) के अधिकारियों ने अभिनेत्री को पकड़ लिया। 4 मार्च को डीआरआई अधिकारियों ने बसवराज से पूछताछ की। रान्या की गिरफ्तारी के बाद उन्हें समन भेजा गया था। बसवराज का बयान कोर्ट में दी गई रिमांड अर्जी में शामिल किया गया है। पूछताछ में बसवराज ने सोने की तस्करी से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ अपने सीनियर्स के आदेश पर रान्या की मदद कर रहे थे।
तीन-चार बार की रान्या की मदद
अपने बयान में बसवराज ने कहा है कि वह रान्या को पिछले कुछ वर्षों से जानते हैं, लेकिन उनका रिश्ता सिर्फ पेशेवर है। वह हवाई अड्डे पर अपनी ड्यूटी की वजह से उन्हें जानते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने रान्या को तीन-चार बार प्रोटोकॉल मदद दी थी, लेकिन सही तारीखें उन्हें याद नहीं हैं। डीआरआई अधिकारियों ने बसवराज की मौजूदगी में हवाई अड्डे पर सोने के बिस्किट जब्त किए थे। फिर भी बसवराज ने साफ कहा कि उन्हें रान्या की तस्करी की गतिविधियों के बारे में कुछ नहीं पता था। बसवराज का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।