आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण
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विपक्ष पर साधा निशाना
पवन कल्याण ने बिल लोकसभा में पास न हो पाने के बाद विपक्ष को निशाना बनाया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, ‘भारत की विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का एक ऐतिहासिक अवसर विपक्ष द्वारा जानबूझकर रोका गया है। विपक्ष का रुख स्पष्ट करता है कि उनमें भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने और महिलाओं को सशक्त बनाने वाले परिवर्तनकारी सुधारों का समर्थन करने की मंशा नहीं है। महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने से इनकार करके उन्होंने एक बार फिर राष्ट्रीय प्रगति से ऊपर राजनीतिक लाभ को रखा है। इससे समावेशी शासन और लैंगिक न्याय की दिशा में एक लंबे समय से प्रतीक्षित कदम में देरी हुई है।’
पवन कल्याण ने की पीएम मोदी की सराहना
पवन कल्याण ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, ‘इस ऐतिहासिक सुधार का समर्थन करना महिलाओं को सशक्त बनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरा करने के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता। एनडीए सहयोगी के रूप में जनसेना पार्टी इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद के समक्ष लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का दृढ़ता से स्वागत और सराहना करती है।
यदि यह पारित हो जाता, तो यह देश भर की लाखों महिलाओं के लिए गौरव और प्रगति का एक निर्णायक क्षण होता। हमें विश्वास है कि आने वाले दिनों में महिलाएं भारत की विधायी संस्थाओं में अपना उचित और सशक्त स्थान हासिल करेंगी।’
प्रकाश राज ने लगाई फटकार, बोले- झूठ न बोलें
हालांकि, पवन कल्याण की यह प्रतिक्रिया प्रकाश राज को पसंद नहीं आई। उन्होंने इस पोस्ट को अपने एक्स पर दोबारा शेयर करते हुए लिखा, ‘कृपया मोदी को खुश करने के लिए नागरिकों से झूठ बोलना बंद करें। महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही पारित हो चुका था। इसे अभी भी पारित किया जा सकता है।
लेकिन आपके गिरोह ने परिसीमन विधेयक पारित करना चाहा, जिससे आंध्र प्रदेश सहित दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व कमजोर हो जाएगा। आपसे निवेदन है कि आंध्र प्रदेश के लोगों के आत्मसम्मान और राज्य के अधिकारों को न बेचें, जिन्होंने आपको उपमुख्यमंत्री बनाया है। मैं आपसे बहस करने और स्पष्टीकरण देने के लिए तैयार हूं। क्या आप तैयार हैं?’