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‘विजय को मिले बहुमत साबित करने का मौका’, प्रकाश राज ने किया थलापति का समर्थन; राज्यपाल पर उठाए सवाल

Thu, 07 May 2026 04:00 PM IST
Aradhya Tripathi एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Prakash Raj Supports Thalapathy Vijay: प्रकाश राज ने तमिलनाडु में विजय को बहुमत साबित करने का मौका न मिलने पर नाराजगी जताई। जानिए उन्होंने चुनाव परिणामों और विजय को लेकर क्या कुछ कहा…

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प्रकाश राज ने थलापति विजय को बहुमत साबित करना का किया समर्थन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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थलापति विजय इन दिनों तमिलनाडु चुनावों में अपनी पार्टी ‘टीवीके’ की जीत को लेकर उत्साहित हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद टीवीके सरकार बनाने के आंकड़े से दूर है। ऐसे में विजय दो बार गवर्नर के पास सरकार बनाने का प्रस्ताव लेकर जा चुके हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें बहुमत के साथ आने की बात कहकर लौटा दिया है। हालांकि, नियम के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद भी सदन में अपना विश्वासमत हासिल कर सकते हैं। अब राज्यपाल द्वारा विजय को बार-बार लौटाने पर अभिनेता प्रकाश राज ने नाराजगी जताई है। उन्होंने विजय का समर्थन करते हुए गवर्नर पर निशाना साधा है।

जनादेश को स्वीकार करना होगा

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इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान प्रकाश राज ने कहा कि तमिलनाडु में जनादेश प्राप्त करने के बाद विजय को सरकार बनाने और सदन में अपना बहुमत साबित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि, प्रकाश राज ने प्रशासनिक पृष्ठभूमि के बिना नेता के नेतृत्व में शासन को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि विजय की जीत सत्ता-विरोधी लहर, उनके समर्थकों की लोकप्रियता या सोशल मीडिया की वजह से हुई, इस पर बाद में चर्चा की जा सकती है। सबसे पहले हमें जनादेश स्वीकार करना होगा।
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चुनाव के दौरान उनकी चिंताएं एक नागरिक की थीं, न कि किसी पार्टी कार्यकर्ता की। लोगों को भी गलत होने का अधिकार है, नेताओं को नहीं। शासन किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं हो सकता और उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि राज्य का संचालन कैसे होगा।

थलापति विजय - फोटो : X

राज्यपाल को विजय को बहुत साबित करने देना चाहिए
तमिलनाडु के राज्यपाल की कड़ी आलोचना करते हुए प्रकाश राज  ने कहा कि अगर विजय के पास बहुमत है, तो उन्हें दावा पेश करने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। विजय के 108 सीटों के समर्थन और कांग्रेस की पांच सीटों के दावे का जिक्र करते हुए अभिनेता ने कहा कि राज्यपाल का घर सच्चाई नहीं है।

इसके अलावा यह सदन का पटल है। राज्यपाल को इस मामले का फैसला सदन में करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें दावा करने दीजिए, उन्हें सदन में साबित करने दीजिए। जनादेश के साथ उन्हें लोकतांत्रिक अधिकार भी क्यों नहीं दिया जा रहा है? यह लोकतंत्र नहीं है, यह वाकई अन्यायपूर्ण है।

विजय के विरोधी भी उन्हें नेता के रूप में स्वीकार करें
अभिनेता ने कहा कि जो लोग विजय को नेता के रूप में स्वीकार नहीं करते, उन्हें भी इंतजार करना चाहिए और देखना चाहिए। विजय के पास अब अपने आलोचकों को गलत साबित करने का मौका है। हालांकि, शासन केवल मुख्यमंत्री पर ही नहीं, बल्कि मंत्रिमंडल और पूरे प्रशासन पर भी निर्भर करेगा।

उन्होंने विजय की पार्टी के वित्त, कृषि, शिक्षा और नौकरशाही के मैनेजमेंट को लेकर रणनीति पर भी सवाल किया। सभी पार्टियां चुनावी वादे करती हैं और उनका मूल्यांकन इस आधार पर किया जाना चाहिए कि क्या वे उन वादों के प्रति जवाबदेह हैं।

 

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थलापति विजय - फोटो : एक्स
विजय के साथ राजनीति पर नहीं हुई कभी कोई चर्चा
विजय के व्यक्तित्व के बारे में बात करते हुए प्रकाश राज ने कहा कि मैं उनके करियर के पहले दो से ढाई दशकों से उन्हें जानता हूं। कई फिल्मों में उनके साथ काम कर चुका हूं, लेकिन कभी राजनीति पर चर्चा नहीं हुई। यही कारण है कि विजय के राजनीतिक और प्रशासनिक क्षमताओं पर संदेह है। लोकप्रियता ही शासन का आदर्श नहीं हो सकती।चुनाव के दौरान मैंने लोगों से वोट देने से पहले सोचने और यह विचार करने की अपील की थी कि उनके क्षेत्र में कैंडिडेट कौन है। जब पलानीवेल थियागा राजन और स्टालिन जैसे लोग हारते हैं तो चिंता होती है।
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