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मार्शल आर्ट्स के टाइगर बने पवन कल्याण, जापान के बाहर समुराई समुदाय में शामिल होने वाले बने पहले व्यक्ति

Sun, 11 Jan 2026 11:56 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Pawan Kalyan: एक्टिंग और राजनीति के अलावा पवन कल्याण ने एक और बड़ी उप्लब्धि हासिल की है। वह तलवारबाजी सीख कर पहले ऐसे भारतीय बन गए हैं जो समुरई कम्युनिटी में शामिल हुए हैं।
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पवन कल्याण - फोटो : एक्स@PKCWoffl
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विस्तार
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साउथ के अभिनेता और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने प्राचीन तलवारबाजी आर्ट केन्जुत्सु में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस आर्ट में महारत हासिल करके वह समुरई कम्युनिटी में शामिल हो गए हैं। यह कामयाबी उन्हें तीन दशकों तक ट्रेनिंग करने के बाद मिली है। इस कामयाबी के बाद वह ग्लोबल लेवल पर कुछ चुनिंदा लोगों में शामिल हो गए हैं।
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यंग एज में शुरू की ट्रेनिंग
पवन कल्याण फिल्म और राजनीति में आने से पहले से मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग कर रहे थे। उन्होंने चेन्नई में कराटे और दूसरी कलाओं की ट्रेनिंग ली। इसके बाद उनकी दिलचस्पी मार्शल आर्ट में बढ़ी। उन्होंने इस पर काम किया और ट्रेनिंग ली। उनकी कला का प्रदर्शन उनकी फिल्मों में भी देखने को मिलता है। 'खुशी', 'थम्मुडु' और 'ओजी' जैसी फिल्मों में उन्होंने मार्शल आर्ट का इस्तेमाल किया।
 

पवन कल्याण को मिले अवॉर्ड्स
  • पवन कल्याण को अपनी कला दिखाने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर कई अवॉर्ड मिल चुके हैं। 
  • सोगो बूडो कानरी काई से उन्हें फिफ्थ डैन की उपाधि दी गई है। 
  • गोल्डन ड्रैगन्स क्लब से उन्हें 'मार्शल आर्ट्स का टाइगर' का टाइटल मिला। 
  • वह सोके मुरामात्सु सेंसेई की क्लैन के तहत ताकेदा शिंगेन क्लैन में शामिल हो गए हैं।
  • इस तरह वह जापान के बाहर आधिकारिक तौर पर समुराई समुदाय में शामिल होने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
  • यह सम्मान अक्सर जापानी लोगों के लिए रिजर्व रहता है।
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पनन कल्याण ने किससे ट्रेनिंग ली?
आपको बता दें कि पवन कल्याण ने भारत के जापानी मार्शल आर्ट के जानकार हांशी प्रोफेसर डॉक्टर सिद्दीकी महमूदी की गाइडेंस में ट्रेनिंग ली है। उनकी निगरानी में उन्होंने कैंडो की तकनीकी और फिलॉसाफिकल पर स्टडी की है। पवन कल्याण को मिला यह अवॉर्ड उनकी मेहनत और लगन को दिखाता है।

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