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थिएटर ने 'जन नायकन' की बजाय शिवकार्तिकेयन की फिल्म दिखाने के लिया फैसला, गुस्साए विजय के फैंस; बोला हमला

Tue, 06 Jan 2026 07:09 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Parasakthi vs Jana Nayagan: थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस टकराव शिवकार्तिकेयन की साउथ फिल्म 'पराशक्ति' से होगा। तमिलनाडु के कुंभकोणम में एक थिएटर ने ‘जन नायकन’ के बजाय शिवकार्तिकेयन की मूवी को दिखाने का फैसला लिया है, जिस पर विजय के फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है।
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'पराशक्ति'-‘जन नायकन’ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अभिनेता विजय इन दिनों अपनी आखिरी फिल्म 'जना नायकन' को लेकर सुर्खियों में हैं। अभी यह सेंसर बोर्ड से पास नहीं हुई है। कल बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई होगी। अगर, सेंसर से इसे हरी झंडी मिल जाती है तो फिल्म 9 जनवरी को रिलीज हो सकती है। इसी दिन शिवकार्तिकेयन की साउथ फिल्म 'पराशक्ति’ भी दस्तक दे रही है। दोनों फिल्मों के बॉक्स ऑफिस टकराव के बीच विजय के फैंस ने एक थिएटर को निशाना बनाया है। वजह यह है कि इस सिनेमाघर ने ‘जन नायकन’ के बजाय 'पराशक्ति' को दिखाने का फैसला किया है।

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थिएटर मैनेजमेंट ने साझा किया अनुभव
तमिलनाडु के कुंभकोणम में स्थित एक थिएटर में पोंगल फेस्टिवल पर विजय की फिल्म 'जना नायकन' के बजाय शिवकार्तिकेयन की फिल्म 'पराशक्ति' को दिखाने का फैसला लिया गया है। इसके बाद एक्टर विजय के फैंस से थिएटर को अपमानजनक और परेशान करने वाले मैसेज मिल रहे हैं। थिएटर की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर यह बात कही गई है। वसु सिनेमाज ने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया है। इसमें मैनेजमेंट ने बताया है कि उन्होंने विजय की फिल्म के बजाय 'पराशक्ति' की स्क्रीनिंग का फैसला क्यों लिया है?

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'पराशक्ति' को क्यों चुना?
थिएटर  प्रबंधन ने पोस्ट में लिखा है, 'हमने ‘जन नायकन’ की बजाय  'पराशक्ति' को क्यों चुना, इसके कई कारण हो सकते हैं। पिछले 15 वर्षों में हमने अपने थिएटर में विजय सर की ज्यादातर फिल्में दिखाई हैं। हमने कुछ फिल्में शायद मिस की हों, लेकिन इनके अलावा लगभग हर दूसरी विजय सर की फिल्म हमारी स्क्रीन पर रिलीज हुई है। सिर्फ इसलिए कि हमने एक खास फिल्म नहीं दिखाई, इसका मतलब यह नहीं है कि उनके फैंस के लिए हमारा सम्मान या प्यार किसी भी तरह से कम हो गया है। 'पराशक्ति' को दिखाने के बारे में पोस्ट करने के बाद, हमें एक्स और इंस्टाग्राम पर ऐसे कमेंट्स मिले, जो चौंकाने वाले थे। हम आपसे गुजारिश करते हैं कि आप उन्हें खुद पढ़ें और पूछें कि क्या वे किसी भी तरह से सही या जायज थे?

'विजय की आखिरी फिल्म का जश्न मनाइए'
आगे लिखा है, 'गाली-गलौज, अश्लीलता और बददुआओं का स्तर इतना ज्यादा था कि इससे हमारी मानसिक शांति भंग हुई है। एक पल रुककर सोचें। अंदर से आप सभी बहुत अच्छे से जानते हैं कि हमने विजय सर की फिल्मों को लगातार कितना सपोर्ट दिया है। तब, अब और हमेशा वे सिर्फ एक स्टार नहीं हैं, एक बेहतरीन इंसान हैं। हमारे थिएटर की शुरुआत से लेकर आज तक, उनकी अधिकतर फिल्में हमारे थिएटर में दिखाई गई हैं। समझ सकते हैं कि अपने पसंदीदा थिएटर में अपने पसंदीदा स्टार की फिल्म न देख पाने पर कितनी निराशा होती है। लेकिन यह उनकी आखिरी फिल्म है। गाली देने और हमला करने के बजाय, कृपया थिएटर जाएं, फिल्म का आनंद लें और इसे पूरी तरह से सेलिब्रेट करें। हम भी अपने नजदीकी थिएटरों में बैक-टू-बैक शो देखेंगे, बड़े पर्दे पर आखिरी बार विजय को पूरे सम्मान और आभार के साथ सेलिब्रेट करेंगे'।
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