200 फिल्मों के लिए लिखे गाने
1947 में अलप्पुझा के मनकोम्बु गांव में जन्मे गीतकार मनकोम्बु गोपालकृष्णन ने लगभग 200 फिल्मों के लिए 700 से ज़्यादा गाने लिखे थे। पांच दशक से ज्यादा के फिल्मी करियर में उन्होंने लगभग 10 फिल्मों की कहानी और पटकथा लिखी थी। उन्होंने तमिल, कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों के मलयालम-डब संस्करणों के संवाद और गीत लिखे थे, जिनमें आरआरआर, बाहुबली-1, बाहुबली-2 और मगधीरा जैसी बॉक्स-ऑफिस हिट फिल्में शामिल हैं ।
गीतकार के सदाबहार गीत
उन्होंने पहली बार 1971 की फिल्म 'विमोचना समारम' में गीतकार के रूप में अपना हाथ आजमाया। उन्होंने हरिहरन द्वारा निर्देशित 'अयालाथे सुंदरी' (1974) के गीतों से खुद को इंडस्ट्री में स्थापित किया। उनके कुछ सदाबहार मलयालम गाने राग प्रेमियों के बीच पसंदीदा बने हुए हैं, जिनमें 'लक्षर्चना कंदु मदनगुम्बोल', 'इलम मंजिन कुलिरुमायोरु' और 'नादान पत्तिनते मैडिसीला' शामिल हैं। गीत लेखन के अलावा उन्होंने कई मलयालम फिल्मों के लिए पटकथाएं भी लिखीं।
पिनाराई विजयन ने व्यक्त किया शोक
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और विपक्ष के नेता वी डी सतीसन सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। अपने शोक संदेश में विजयन ने कहा कि मनकोम्बू गोपालकृष्णन एक गीतकार थे, जिन्होंने राज्य के सांस्कृतिक जीवन को प्रतिबिंबित करने वाले गीतों के माध्यम से संगीत प्रेमियों के दिलों में जगह बनाई।