एक दुखद घटना में, तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में मेथनॉल-मिश्रित दूषित शराब पीने से करीब 34 लोगों की मौत हो गई। कथित तौर पर 60 से अधिक लोग पीड़ित हैं, और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। पिछले साल तमिलनाडु के एक नजदीकी जिले में इसी तरह की घटना में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। हाल ही में अभिनेता विजय ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं, अब अभिनेता सूर्या भी मामले में जवाबदेही की वकालत करते नजर आए हैं।
सूर्या की सरकार से मांग
सूर्या ने तमिल में एक लंबा नोट साझा किया, जिसमें कहा गया कि पिछले साल से कुछ भी नहीं बदला है। अनुवादित नोट में लिखा है, 'अगर सरकार और राजनीतिक दल दूरदर्शिता के साथ काम करते हैं, तो भविष्य में ऐसी दुखद मौतों को रोका जा सकता है। लोगों के साथ-साथ मुझे भी उम्मीद है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री अल्पकालिक समाधान पारित कर शराबबंदी नीति पर लोगों के सर्वोत्तम हित में निर्णय लेंगे।'
बदलाव का अब भी इंतजार
उन्होंने आगे कहा, 'पिछले साल विल्लुपुरम जिले में मेथनॉल मिला जहर पीने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने गंभीरता से कार्रवाई करने का वादा किया। अब पड़ोसी जिले में भी वही मेथनॉल मिली जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हो गई है। अफसोस की बात है कि अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। जिस प्रकार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों की उन्नति के लिए दूरदर्शी कार्य योजनाएं लागू करती है, उसी प्रकार शराबियों के पुनर्वास के लिए अनुकरणीय कार्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए और एक आंदोलन के रूप में कार्यान्वित किए जाने चाहिए।'
मृतकों के परिजनों के मुआवजे की घोषणा
इससे पहले अभिनेता ने दिल दहला देने वाली घटना पर टिप्पणी करते हुए लिखा, 'कल्लाकुरिची जिले के करुणापुरम इलाके में नकली शराब पीने से 25 से अधिक लोगों की मौत की खबर चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली है।' तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पुष्टि की है कि घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये तथा इलाज करा रहे लोगों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी गोकुलदास की मौजूदगी वाले एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है।