रजनीकांत पांच दशक से सिनेमा की दुनिया में सक्रिय हैं। दुनियाभर में उनके फैंस हैं। 75 वर्ष की आयु में भी रजनीकांत का अभिनय और ऊर्जा हैरान करती है। आज 15 अक्तूबर को उनकी फिल्म रिलीज हुई है। इस फिल्म का सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशों में भी क्रेज है। लोग नाचते-गाते हुए समूहों में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं। उत्सव जैसा माहौल है। इस अवसर पर जानिए रजनीकांत से जुड़ी बातें...
रजनीकांत
- फोटो : सोशल मीडिया
रजनीकांत फिल्मों में आने से पहले क्या काम करते थे?
रजनीकांत ने साउथ से लेकर बॉलीवुड तक कई फिल्मों में काम किया है। मगर, क्या आपको पता है कि फिल्मों में आने से पहले अभिनेता क्या करते थे? बता दें कि रजनीकांत सिनेमा की दुनिया में कदम रखने से पहले कंडक्टर थे। वे बंगलूरू में बस कंडक्टर के रूप में काम करते थे और करीब पांच साल उन्होंने यह नौकरी की।
बीते दिनों 'थलाइवा' ने 'जेलर 2' के इवेंट पर इस बारे में बात की और बताया था कि वे अभी भी एक्टिंग से ज्यादा उस नौकरी को पसंद करते हैं।
'जेलर 2 सुपर शो' के दौरान रजनीकांत ने कहा था, 'मुझे एक्टिंग पसंद है, बेशक। लेकिन मुझे बस कंडक्टर की नौकरी उससे कहीं ज्यादा पसंद थी। कंडक्टर के तौर पर बिताए गए वे पांच साल वाकई कमाल के थे। मुझे आज भी उन दिनों की याद आती है। इसलिए, दिल से मैं मानता हूं कि मैं एक कंडक्टर हूं और हमेशा रहूंगा।'
रजनीकांत
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
रजनीकांत का असली नाम क्या है और उन्होंने नाम क्यों बदला?
अभिनेता रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। उन्हें शुरू से एक्टिंग का शौक था। मगर, पैसों की कमी और साधनों के अभाव के चलते वो अपने इस सपने को पूरा करने में असमर्थ थे। तब रजनीकांत के दोस्त राज बहादुर ने उनकी मदद की। उन्होंने रजनी का दाखिला मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में कराया। एक्टिंग सीखने के दौरान ही रजनीकांत की मुलाकात दिग्गज फिल्म निर्देशक के. बालचंद्र से हुई। के. बालचंद्र ही वो निर्देशक हैं, जिन्होंने रजनीकांत की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें पहली बार अपनी फिल्म में मौका दिया।
के. बालचंद्र ने ही शिवाजी राव गायकवाड़ को रजनीकांत नाम दिया। रजनीकांत का नामकरण 27 मार्च 1975 को होली के मौके पर हुआ था और दिन था गुरुवार। जिसे रजनीकांत अपने लिए शुभ मानते थे।
रजनीकांत
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रजनीकांत को थलाइवा क्यों कहा जाता है?
रजनीकांत को उनके फैंस 'थलाइवा' कहते हैं। दरअसल, तमिल भाषा में 'थलाइवर' या 'थलाइवा' का अर्थ किसी समूह का नेता या मुखिया होता है। रजनीकांत को यह नाम उनके प्रशंसकों ने दिया है।
रजनीकांत इतनी लोकप्रियता के बावजूद सादा जीवन क्यों जीते हैं?
रजनीकांत के पास न शोहरत की कमी है न दौलत की। वे आलीशान जिंदगी जी सकते हैं। मगर, अभिनेता बेहद सादगी से रहना पसंद करते हैं। कई बार प्रशंसकों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्यों? दरअसल, सुपरस्टार बनने से पहले रजनीकांत ने लंबा संघर्ष देखा। अभाव देखा। वे अपना संघर्ष और अतीत नहीं भूले हैं। उन्हें जमीन से जुड़े रहना पसंद है।
रजनीकांत
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रजनीकांत आध्यात्मिक यात्रा के लिए हिमालय क्यों जाते हैं?
सुपरस्टार रजनीकांत अपनी आध्यात्मिक यात्रा के हिस्से के रूप में हर साल लगभग 15 दिनों या उससे अधिक की अवधि के लिए हिमालय की यात्रा करने के लिए जाने जाते हैं। वे इस यात्रा पर इसलिए जाते हैं, ताकि उन्हें मानसिक सुकून मिल सके। वे ग्लैमर वर्ल्ड से दूर कुछ दिन सादगी और सुकून में बिताते हैं। अभिनेता हर साल हिमालय की तीर्थयात्रा के दौरान ध्यान में लीन रहते हैं।
रजनीकांत
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75 साल की उम्र में भी रजनीकांत खुद को फिट कैसे रखते हैं?
रजनीकांत अपनी फिटनेस और ऊर्जा से हैरान करते हैं। इसका राज उनकी जीवनशैली में छिपा है। रजनीकांत नियमित कसरत करते हैं। सेहतमंद और संतुलित डाइट लेते हैं। यही वजह है कि वे 75 की उम्र में न सिर्फ फिट हैं, बल्कि पर्दे पर एक्शन का दम भी दिखाते नजर आते हैं।
फिल्म 'कुली' में रजनीकांत
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रजनीकांत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में कौन सी हैं?
रजनीकांत की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल करती हैं। उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली पांच फिल्में इस प्रकार हैं:
| फिल्म |
नेट कलेक्शन |
| 2.0 |
407.05 करोड़ रुपये |
| कुली |
285.01 करोड़ रुपये |
| जेलर |
348.55 करोड़ रुपये |
| दरबार |
173.80 करोड़ रुपये |
| रोबोट |
165 करोड़ रुपये |