अदूर गोपालकृष्णन ने जताई नाराजगी
डायरेक्टर अदूर गोपालकृष्णन ने IFFK 2025 में 'द आवर ऑफ द फर्नेसेज' और 'बैटलशिप पोटेमकिन' जैसी क्लासिक फिल्मों पर बैन लगाए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। डायरेक्टर ने कहा कि आयोजकों को सिनेमा के बारे में पूरी समझ नहीं है। उन्होंने कहा 'मैंने इन फिल्मों के बारे में अपने स्कूल के दिनों में जाना था। इन्हें बैन करना एक मजाक जैसा है। आप इसे रोक नहीं सकते।'
निर्देशक कमल ने जाहिर किया गुस्सा
फिल्म डायरेक्टर कमल ने भी 'बेजर चिप पोटेमकिन' जैसी फिल्मों पर बैन लगने पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा 'यह प्रतिबंध बहुत निराशाजनक है और मुझे इस पर बहुत गुस्सा आ रहा है। उन्होंने 'बेजर चिप पोटेमकिन' फिल्म को बैन कर दिया है। क्यों? क्लासिक सिनेमा का इतिहास इसी से शुरू होता है। वे उस फिल्म को बैन कर रहे हैं। क्यों?'
दर्शक निराश
इंटरनेशनल लेवल पर मशहूर कई क्लासिक फिल्मों की स्क्रीनिंग पर असर पड़ा है, जिससे फेस्टिवल में आए दर्शकों को परेशानी हो रही है।
खबरों के मुताबिक, आयोजक इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए अधिकारियों से बात कर रहे हैं।