हैदराबाद की एक अदालत ने अंतरिम आदेश में विभिन्न संस्थाओं को अभिनेता चिरंजीवी के नाम, छवि और आवाज का बिना अनुमति के व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने से रोक दिया है।
बिना परमिशन नहीं होगा फोटो-वीडियो का इस्तेमाल
पीटीआई की खबर के अनुसार चिरंजीवी ने सिटी सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वह डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म, कपड़ों की कंपनियों और अन्य प्लेटफॉर्म जैसे 30 से ज्यादा प्रतिवादियों को उनकी छवि, नाम और उनसे जुड़ी उपाधियों और उनके व्यक्तित्व का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की थी।
याचिका में उनके नाम, आवाज, छवि और किसी भी अन्य विशेषता से संबंधित उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई थी। आगे से उनकी सहमति के बिना किसी भी तरह से उनके नाम और काम इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर को होगी
कोर्ट ने माना कि चिरंजीवी तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे चर्चित चेहरों में से एक हैं। कोर्ट ने कहा कि अभिनेता का नाम और उनसे जुड़े विभिन्न शीर्षक जैसे मेगास्टार, चिरंजीवी, बॉस, अन्नैया, चिरु और मेगास्टार चिरु, साथ ही उनकी आवाज और छवि, उनके व्यक्तित्व का हिस्सा हैं। कोर्ट ने कहा, ‘यह उनकी यूएसपी है और आम जनता में अच्छी तरह से पहचानी जाती है।’
पिछले महीने जारी अंतरिम आदेश में, कोर्ट ने प्रतिवादियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चिरंजीवी के पर्सनालिटी, पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन करने से रोका है। अब अगली सुनवाई की तारीख 27 अक्तूबर तय की गई है।