फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ED: फर्जी कार पंजीकरण मामले में दुलकर-पृथ्वीराज की मुश्किलें बढ़ीं, जानें क्या है भूटान-नेपाल से जुड़ा मामला?

Wed, 08 Oct 2025 09:29 AM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Dulquer Salmaan Case Update: पिछले दिनों साउथ एक्टर दुलकर सलमान एक फर्जी पंजीकरण कार मामले के कारण चर्चा में आए। यह मामला कार तस्करी से जाकर भी जुड़ गया था। इसी मामले को लेकर ईडी के एक अधिकारी ने नई जानकारी साझा की है।

विज्ञापन
दुलकर सलमान - फोटो : इंस्टाग्राम @dqsalmaan
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इन दिनों साउथ एक्टर दुलकर सलमान फिल्मों की बजाय फर्जी पंजीकरण कार मामले को लेकर खबरों में है। सलमान के पास कुछ लग्जरी कार थीं। कस्टम विभाग ने इन कारों को जब्त किया क्योंकि यह तस्करी के जरिए भूटान से भारत आईं। इस मामले में दुलकर सलमान हर दिन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में ईडी के कोच्चि क्षेत्रीय कार्यालय के एक अधिकारी ने इसी मामले को लेकर एक नई जानकारी साझा की है। 

विज्ञापन


17 स्थानों पर तलाशी अभियान जारी
एएनआई की खबर के अनुसार ईडी अधिकारी का कहना है कि लग्जरी वाहनों की तस्करी और अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेन-देन को लेकर चल रही जांच के सिलसिले में केरल और तमिलनाडु में 17 स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है। यह अभियान विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के तहत चलाया जा रहा है। इस तलाशी अभियान में कई दक्षिण भारतीय कलाकारों के नाम शामिल हैं, जिनमें से दुलकर सलमान भी एक हैं। 
 





दुलकर सलमान के घर पर तलाशी ली गई  
ईडी के तलाशी अभियान में पृथ्वीराज, दुलकर सलमान और अमित चकलाकल जैसे फिल्मी सितारों के घर और ऑफिस पर तलाशी की गई। साथ ही एर्नाकुलम, त्रिशूर, कोझीकोड, मलप्पुरम, कोट्टायम और कोयंबटूर में कुछ वाहन मालिकों, ऑटो वर्कशॉप और व्यापारियों सहित 17 परिसरों की तलाशी ली गई। यह तलाशी उन सूचनाओं पर आधारित थीं जिनसे पता चला कि एक गिरोह भारत-भूटान और भारत-नेपाल मार्गों के जरिए से लैंड क्रूजर, डिफेंडर जैसी कई लग्जरी कारों के अवैध आयात और पंजीकरण में लिप्त है। 
विज्ञापन

 
फर्जी दस्तावेज बनाकर फिल्मों सितारों की बेचीं कार 
शुरुआती जांच से पता चला है कि कोयंबटूर स्थित एक नेटवर्क जाली दस्तावेजाें और अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में फर्जी आरटीओ पंजीकरणों का इस्तेमाल कर रहा था। बाद में यह नेटवर्क फिल्मी हस्तियों के अलावा अमीर लोगों को कम कीमत पर तस्करी वाले वाहन बेच देता था।  

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें