अभिनेता धनुष और नयनतारा का सारा विवाद 'नयनताराः बियॉन्ड द फेयरी टेल' को लेकर है। धनुष ने अभिनेत्री और उनके पति विग्नेश शिवन और नेटफ्लिक्स के खिलाफ 'नानुम राउडी धान' से बीटीएस फुटेज का उपयोग करने के लिए मुकदमा दायर किया था। अब मद्रास हाई कोर्ट ने अंतिम सुनवाई स्थगित कर दी है।
हाई कोर्ट ने 22 जनवरी तक मामला किया स्थगित
अभिनेत्री नयनतारा और अभिनेता धनुष के प्रोडक्शन हाउस वंडरबार प्रोडक्शन के बीच चल रहे कानूनी विवाद ने लोगों का खूब ध्यान खींचा है। मद्रास हाई कोर्ट ने अब मामले की अंतिम सुनवाई 22 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी है। चूंकि नेटफ्लिक्स ने अपना मामला आगे बढ़ाने के लिए समय मांगा था, इसलिए न्यायाधीश अब्दुल कुद्दोस ने सुनवाई की तारीख 22 जनवरी तय करते हुए कहा कि आगे कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा।
धनुष ने लगाया था यह आरोप
अपनी शिकायत में धनुष ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री के निर्माताओं ने कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत संरक्षित उनके कॉपीराइट का उल्लंघन किया है, क्योंकि उन्होंने नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम की जा रही 'नयनतारा: बियॉन्ड द फेयरी टेल' पर बनी डॉक्यूमेंट्री में नानुम राउडी धान के बीटीएस का उपयोग करने के लिए उनसे एनओसी नहीं लिया था। धनुष और नयनतारा के बीच दोस्ती कई वर्षों कर काफी अच्छी रही थी हालांकि, उनके रिश्ते में तब खटास आ गई, जब नयनतारा ने एक बयान जारी कर उन पर क्लिप के उपयोग की अनुमति न देकर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया।
नयनतारा ने दिया था यह जवाब
नयनतारा ने भी धनुष को जवाब दिया और ओपन लेटर में लिखा, 'मेरी इस डॉक्यूमेंट्री का इंतजार फैंस और मेरे शुभचिंतक कर रहे हैं। यह डॉक्यूमेंट्री कई लोगों के प्रयासों का परिणाम है। दो साल तक हम आपकी अनुमति का इंतजार करते रहे, आपसे एनओसी मांगते रहे, लेकिन आपने 'नानुम राउडी धान' के कुछ दृश्य, गाने और यहां तक की फोटोग्राफ तक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। आखिर में हमने हार मान ली और मौजूदा वर्जन के साथ डॉक्यूमेंट्री को रिलीज करने का निर्णय लिया। मुझे दुख है कि इस डॉक्यूमेंट्री में मेरी सबसे खास फिल्म शामिल नहीं हो सकी।'