फिल्म 'बाहुबली' के निर्देशक एसएस राजामौली
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बजट बढ़ने पर हर भाषा में फिल्म का अच्छा प्रदर्शन था जरूरी
राजामौली ने बताया कि फिल्म का बजट बहुत ज्यादा होने के कारण इसकी सफलता सिर्फ तेलुगु राज्यों पर निर्भर नहीं हो सकती थी। उन्होंने कहा कि हम अपना इन्वेस्टमेंट वसूलने के लिए सिर्फ तेलुगु राज्यों पर निर्भर नहीं रह सकते थे।
फिल्म को मुनाफे वाला बनाने के लिए हम इस बात पर भरोसा कर रहे थे कि यह कई भाषाओं में अच्छा प्रदर्शन करेगी। आखिरकार उनकी यह खोज उन्हें करण जौहर तक ले गई। जब राणा दग्गुबाती ने करण को फिल्म के बारे में बताया और उन्हें फिल्म की कुछ तस्वीरें दिखाईं, तो वे तुरंत इसे हिंदी मार्केट में डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए तैयार हो गए।
फिल्म रिलीज का दिन एक युद्ध जैसा था
हालांकि, फिल्म रिलीज का दिन बहुत डरावना था। शोबू ने याद करते हुए कहा कि पहले पार्ट की रिलीज के दिन भी हमारे ऊपर 70 करोड़ रुपए का कर्ज था। हमने जो खर्च किया था और जो कमाई हुई थी, उसके बाद भी हम 70 करोड़ रुपए के घाटे में थे।
राजामौली ने कहा कि फिल्म को हिंदी के साथ-साथ अमेरिका, खाड़ी देशों और दूसरे इंटरनेशनल मार्केट में भी बहुत अच्छे रिव्यू मिले। लेकिन हमारी ज्यादातर कमाई आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से होने की उम्मीद थी। वहां रिव्यू बहुत ही खराब थे। एक तस्वीर वायरल हो रही थी जिसमें प्रभास शिवलिंग की जगह जंडू बाम पकड़े हुए थे।
हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या गलत हो गया। मैं बिल्कुल ब्लैंक हो गया था। मैंने एक डिस्ट्रीब्यूटर से बात की उसने हमें इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया के बारे में बताया। वे इसे इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म कह रहे थे।
उन्हें ऐसे ही मैसेज मिल रहे थे। हमारे लिए तो यह हमारे करियर का अंत जैसा था। उस दिन को याद करते हुए प्रभास भावुक हो गए और बोले कि वह किसी युद्ध जैसा था। मुझे नहीं पता कि प्रोड्यूसर्स उस दिन कैसे बच पाए।
शाम को बदल गए हालात, होने लगी तारीफ
अच्छी बात यह रही कि उसी शाम हालात तेजी से बदले। लोगों के बीच फिल्म की तारीफ होने लगी और अगले हफ्ते में फिल्म ने तेलुगु राज्यों में बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, साथ ही हिंदी मार्केट में भी इसका शानदार प्रदर्शन जारी रहा।