अभिनेत्री के साथ यौन उत्पीड़न के 2017 के मामले में अभिनेता दिलीप को केरल की एक अदालत ने बरी कर दिया था। दिलीप को बरी किए जाने के कुछ हफ्तों बाद ही अब इस मामले में एक अन्य आरोपी मार्टिन ने भी निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। आरोपी का तर्क है कि अदालत ने उन सबूतों पर ठीक से विचार नहीं किया, जिनके आधार पर आरोपी को अपराध में शामिल माना गया। इसीलिए अब मार्टिन ने अपनी दोषसिद्धि और सजा को रद्द करने की अपील की है।
अपील में कही ये बात
इससे पहले इस मामले में मलयालम अभिनेता दिलीप को केरल की एक अदालत ने बरी कर दिया है। जबकि छह अन्य को दोषी ठहराए है। अब इस फैसले के कुछ हफ्तों बाद ही दोषी मार्टिन ने अपनी दोषसिद्धि और सजा को रद्द करने की अपील की है। मार्टिन ने अपनी अपील में इस दावे को चुनौती दी है कि उन्होंने पीड़िता को उठाने में मदद की, एक फर्जी दुर्घटना का नाटक रचा और अपहरण में सहायता की। साथ ही कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन के सिम कार्ड को नष्ट करके सबूत मिटाने का भी आरोप लगाया। मार्टिन ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाहों ने उनके और मामले के अन्य आरोपियों के बीच किसी भी प्रकार के संबंध, पहले से संपर्क या साजिश को साबित नहीं किया।
समान दोषियों के साथ नहीं हुआ समान व्यवहार
अपील में मार्टिन ने आगे कहा कि खुद निचली अदालत ने यह निष्कर्ष दर्ज किया था कि अभियोजन पक्ष कथित साजिश को साबित करने में विफल रहा है। अपील में कहा गया कि पीड़ित ने बताया था कि किसी अन्य व्यक्ति ने उसे वाहन से बाहर निकाला था और निचली अदालत ने बाद में पाया कि आपराधिक साजिश का कोई सबूत नहीं था। इसके बावजूद मार्टिन को दोषी ठहराया गया। जबकि साजिश के समान आरोपों का सामना कर रहे एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया गया। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों आरोपी समान स्थिति में थे और सबूतों के मूल्यांकन में उनके साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि निचली अदालत ने अलग-अलग मापदंड अपनाए, जिसके कारण उन्हें दोषी ठहराया गया जबकि दूसरे आरोपी को बरी कर दिया गया।