पहले बीजेपी, फिर टीवीके...अब डीएमके
रंजना पहले करीब 8 साल तक बीजेपी में भी रह चुकी हैं। उन्होंने फरवरी 2025 में भाषा विवाद के चलते पार्टी छोड़ दी थी। उस दौरान उन्होंने हिंदी भाषा थोपने का विरोध किया था और तमिल और अंग्रेजी की दो-भाषा नीति का समर्थन किया था।
इसके बाद वह तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) में शामिल हुई थीं, लेकिन अब उन्होंने वहां से भी इस्तीफा देकर डीएमके का दामन थाम लिया है।