अभिनेत्री का कहना है लापरवाही हो रही है
शिकायतकर्ता अभिनेत्री ने राज्य सरकार पर लापरवाही का भी आरोप लगाया। उनका कहा कि वह मानसिक रूप से थक चुकी है। वह कहती हैं, 'मैं सभी को बताना चाहती हूं, मुझे जितना सहन करना है, उससे कहीं अधिक पीड़ा हुई है। मैं मानसिक रूप से थक चुकी हूं। वे एक महिला की मदद या सुरक्षा नहीं कर रहे हैं। इसलिए मैं मामलों को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। ऐसा इसलिए नहीं है कि मैंने किसी के साथ समझौता किया है।' वह आगे बताती हैं कि जब उन्होंने यौन उत्पीड़न मामले में शिकायत की है तो उन्हें पोक्सो मामले में आरोपी बनाया गया था और सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया।
खुद को बताया निर्दोष
अभिनेत्री आगे कहती हैं, 'मैं निर्दोष हूं। मुझे न्याय चाहिए। मैं चाहती हूं कि मेरे खिलाफ पाक्सो मामले की गहन और शीघ्र जांच की जाए। अगर मैं आत्महत्या करती हूं तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।' असल में पूरा मामला यह है कि मुवत्तुपुझा पुलिस ने महिला अभिनेत्री के खिलाफ उसके रिश्तेदार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण यानी पाक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
हेमा समिति की रिपोर्ट के बाद आरोप लगाए
इस अभिनेत्री ने सिनेमा उद्योग के बड़े पेशेवर लोगों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। यह आरोप उन्होंने न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट के खुलासे के बाद लगाए हैं। जिसमें मलयालम सिनेमा उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण के मामलों का खुलासा किया गया था, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।