भारतीय संगीत जगत में सोनू निगम का नाम एक ऐसे गायक के रूप में लिया जाता है जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से हर दौर के श्रोताओं का दिल जीता। चाहे 'कल हो ना हो' जैसे भावुक गीत हों या 'बिजुरिया' जैसे मस्तीभरे नंबर- सोनू निगम ने हर शैली में अपनी गायकी का लोहा मनवाया है। हाल ही में उन्हें नेशनल लता मंगेशकर अवॉर्ड से नवाजा गया, जिससे उनके लंबे और शानदार संगीत सफर को और भी यादगार बना दिया। चलिए जानते हैं इस अवॉर्ड के बारे में।
क्या है लता मंगेशकर अवॉर्ड?
लता मंगेशकर अवॉर्ड मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया था। इस सम्मान की शुरुआत 1984 में हुई और इसे भारतीय संगीत जगत में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गायकों और संगीतकारों को दिया जाता है। नाम से ही साफ कि यह अवॉर्ड भारत की सुरसम्राज्ञी लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि के तौर पर स्थापित किया गया।
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सबसे पहले किसे मिला था यह अवॉर्ड?
जैसा कि हमने ऊपर बताया इस अवॉर्ड की शुरुआत 1984 में हुई और सबसे पहले इसे प्रसिद्ध गायक नरेंद्र शर्मा को प्रदान किया गया। इसके बाद हर साल संगीत की दुनिया के किसी दिग्गज को यह सम्मान दिया जाता रहा।
किन-किन दिग्गजों को मिल चुका है यह सम्मान?
वर्षों से यह अवॉर्ड कई महान गायकों और संगीतकारों को मिल चुका है, जिन्होंने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
मन्ना डे (1985)- अपने शास्त्रीय रंग वाले गीतों और भावपूर्ण गायकी के लिए सम्मानित।
तलत महमूद (1986)- गजलों और रूमानी गीतों की अद्भुत प्रस्तुति के लिए यह अवॉर्ड मिला।
आशा भोसले (1989)- अपनी बहुमुखी गायकी, विशेषकर रोमांटिक और मस्तीभरे गीतों के लिए सम्मानित।
कुमार सानू (1998)- 90 के दशक के सुपरहिट गीतों और लगातार पांच बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने वाले इस गायक को भी यह सम्मान मिला।
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल (2001)- संगीत की दुनिया में अनगिनत हिट धुनें देने वाले इस जोड़ी को भी नवाज़ा गया।
खय्याम (2007)- उनकी गहरी संवेदनाओं से भरी धुनों और ग़ज़लों ने उन्हें यह अवॉर्ड दिलाया।
उषा मंगेशकर (2011)- लता जी की बहन और खुद भी एक लोकप्रिय गायिका।
अनूप जलोटा (2015)- भजन और गजल गायकी में योगदान के लिए सम्मानित।
शंकर महादेवन (2019) - आधुनिक संगीत और फ्यूज़न को नई पहचान दिलाने वाले गायक-संगीतकार।
सोनू निगम (2025)- जिनकी गायकी ने 90 के दशक से लेकर आज तक हर पीढ़ी को प्रभावित किया।
सोनू निगम के लिए खास क्यों है यह सम्मान?
सोनू निगम खुद कई बार इंटरव्यू में कह चुके हैं कि लता मंगेशकर उनके लिए ‘गायकी का मंदिर’ रही हैं। उन्हें जब यह अवॉर्ड मिला तो उन्होंने कहा- 'मेरे जीवन का यह सबसे बड़ा सम्मान है क्योंकि यह उस नाम से जुड़ा है जिनकी आवाज को सुनकर मैंने संगीत सीखा।'