‘भाषा, जाति या धर्म के नाम पर नफरत करने वालों से मुझे घृणा है’
आगे अपनी सफाई में सिंगर ने कहा, “एक देशभक्त होने के नाते मैं उन सभी लोगों से नफरत करता हूं जो भाषा, जाति या धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं, खासकर पहलगाम में जो कुछ हुआ उसके बाद। मुझे उन्हें समझाना था और मैंने ऐसा किया। हजारों छात्रों और शिक्षकों ने इसके लिए मेरी जय-जयकार की। मामला खत्म हो गया और मैंने एक घंटे से ज्यादा समय तक कन्नड़ गाया। यह सब सोशल मीडिया पर है।”
सोनू निगम के साथ डीटीयू फेस्ट में हुआ बुरा बर्ताव
- फोटो : इंस्टाग्राम@sonunigamofficial
‘मैं हर तरह के कानूनी सहयोग को तैयार’
सोनू निगम ने आगे कहा, “मैं यह कर्नाटक के लोगों पर छोड़ता हूं कि वे तय करें कि यहां कौन दोषी है। मैं आपके फेसले को चुपचाप मानने को तैयार हूं। मैं कर्नाटक की कानून एजेंसियों और पुलिस का पूरा सम्मान करता हूं और उन पर भरोसा करता हूं। मुझसे जो भी सहायता मांगी जाएगी, मैं करने को तैयार हूं।”
यह खबर भी पढ़ें: Sonu Ngam: सोनू निगम के बेंगलुरु कॉन्सर्ट पर विवाद, कन्नड़ समुदाय नाराज, पुलिस में शिकाय
यह था मामला
सोनू निगम के बेंगलुरु के ईस्ट पॉइंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में कॉन्सर्ट के दौरान यह घटना हुई थी। सोनू के युवक के कन्नड़ गाने की मांग को धमकी और पहलगाम से जोड़ने पर कन्नड़ समुदाय नाराज हो गए। प्रो-कन्नड़ संगठनों ने इसे उनकी भाषा और संस्कृति का अपमान करार देते हुए उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उनके खिलाफ शनिवार को बेंगलुरु के अवलाहल्ली पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई थी।