मुफलिसी में बीता बचपन
2 दिसंबर 1960 को आंध्र प्रदेश के एल्लुरू में जन्मी सिल्क स्मिता का बचपन बेहद गरीबी में बीता। उनका असली नाम विजयलक्ष्मी वडलापति था। गरीबी की वजह से उनकी पढ़ाई-लिखाई नहीं हो पाई। खेल-कूद, पढ़ाई-लिखाई की जगह वह घर के चूल्हे-चौके में व्यस्त रहा करती थीं। हालांकि, सिल्क स्मिता को बचपन से ही फिल्मों का शौक था।
14 साल की उम्र में हो गई शादी
गरीबी के चलते घरवालों ने सिर्फ 14 साल की उम्र में ही बिना मर्जी के उम्र में बड़े व्यक्ति से सिल्क स्मिता की शादी करा दी। जबरदस्ती की गई इस शादी से वो खुश नहीं थीं। ससुराल वाले और शराबी पति उन पर अत्याचार भी करते थे और मारपीट भी करते थे। अंतत: इससे परेशान होकर वो एक दिन ससुराल से भागकर चेन्नई पहुंच गईं।
मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर की शुरुआत
चेन्नई पहुंचना सिल्क स्मिता के जीवन के लिए एक टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ। अपनी एक आंटी की मदद से उन्होंने मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर सिनेमा की दुनिया में कदम रखा। वो आंटी के साथ अभिनेत्रियों का टचअप वगैरह किया करती थीं। इसी दौरान उन्होंने फिल्मी दुनिया के लोगों से मिलना-जुलना और दोस्ती करना शुरू किया। इस दौरान वो कुछ एक प्रोड्यूसर्स से भी मिलीं। मेकअप करते-करते ही उन्हें छोटे-मोटे रोल और डांस नंबर मिलने लगे। हालांकि, इन प्रोड्यूसर्स ने काम देने के बदले सिल्क का धीरे-धीरे इस्तेमाल करना भी शुरू कर दिया।
1979 में मिला पहला ब्रेक, 1980 में आई फिल्म ‘वंदिचक्करम’ से मिली पहचान
सिल्क स्मिता को पहला ब्रेक साल 1979 में एंटनी ईस्टमैन ने अपनी फिल्म ‘इनाये थेडी’ में दिया। हालांकि, ये मलयालम फिल्म रिलीज बाद में 1981 में हुई। इस दौरान सिल्क स्मिता को तमिल सिनेमा में निर्देशक विनु चक्रवर्ती ने बड़ा ब्रेक दिलाया। उनकी पत्नी ने उन्हें अंग्रेजी सिखाई और उनके डांस सीखने की भी व्यवस्था की। साल 1980 में फिल्म ‘वंदिचक्करम’ रिलीज हुई। फिल्म सफल रही और सिल्क स्मिता के काम की भी तारीफ हुई। फिल्म में उन्होंने सिल्क नाम का किरदार निभाया था। यहीं से उन्होंने अपने नाम में सिल्क जोड़ लिया और स्मिता से सिल्क स्मिता बन गईं।
बोल्ड सीन ने बढ़ाई सिल्क की डिमांड, बन गईं साउथ की सेंसेशनल एक्ट्रेस
सिल्क के किरदार में बोल्ड सीन देने के चलते उनका किरदार काफी हिट हुआ और इसके बाद सिल्क स्मिता को इसी तरह के और भी किरदार ऑफर होने लगे। सिल्क स्मिता एक के बाद एक इस तरह के किरदार निभाती गईं और देखते-देखते वो साउथ इंडस्ट्री की सबसे सेंसेशनल एक्ट्रेस बन गईं। हालांकि, इस चक्कर में वो टाइपकास्ट हो गईं। अब आलम ये हो गया कि बिना सिल्क स्मिता के डांस नंबर के कोई फिल्म ही नहीं आ रही थी। सिल्क की बढ़ती डिमांड को देखकर हर फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर की यह मांग होने लगी कि फिल्म में अगर सिल्क का आइटम नंबर नहीं होगा तो वह फिल्म नहीं खरीदेंगे। ऐसे में हर निर्माता-निर्देशक सिल्क को कम से कम एक गाने में लेने के लिए मजबूर हो गया। इसी वजह से उन्होंने अपने डेढ़ दशक लंबे फिल्मी करियर में लगभग 450 से अधिक फिल्में कर डाली थीं।
कमल हासन और रजनीकांत जैसे सुपरस्टार्स के साथ किया काम
सिल्क स्मिता ने अपने करियर में कम समय में ही वो बुलंदी छुई, जो कई अभिनेत्रियां अपने पूरे करियर में नहीं छू पाती हैं। अपने करियर में उन्होंने कमल हासन, रजनीकांत और चिरंजीवी जैसे सुपरस्टार्स के साथ भी काम किया। सिल्क स्मिता ने अपने करियर में तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में भी काम किया है।
प्रोड्यूसर बनकर हुआ घाटा
फिल्मों में एक्टिंग और डांस नंबर्स से सिल्क स्मिता ने खूब नाम, शोहरत और पैसा कमाया। ऐसे में उनके एक करीबी दोस्त ने उन्हें प्रोड्यूसर बनकर और पैसे कमाने का लालच दिया। जिसके चलते उन्होंने दो फिल्में प्रोड्यूस कीं। हालांकि, ये दोनों ही फिल्में फ्लॉप हुईं और कहते हैं कि उन्हें तकरीबन 2 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। उस वक्त ये रकम काफी मायने रखती थी। फिल्मों में हुए घाटे का असर उनकी पर्सनल लाइफ पर भी हुआ और मानसिक तौर पर वो काफी कमजोर भी हो गईं।
सिल्क स्मिता पर बनीं कई फिल्में
सिल्क स्मिता की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। इसीलिए उनके जीवन पर कई फिल्में बनी हैं। सबसे पहले साल 2011 में मिलन लुथरिया ने फिल्म बनाई 'द डर्टी पिक्चर'। एकता कपूर द्वारा निर्मित इस फिल्म में विद्या बालन ने सिल्क स्मिता का किरदार निभाया था। हालांकि, बाद में जब सिल्क के परिवार वालों ने फिल्म का विरोध किया और इसे बिना उनकी अनुमति के बनाने का आरोप लगाया, तो एकता कपूर ने कहा कि यह फिल्म सिल्क स्मिता की बायोपिक नहीं है। इसके बाद 2013 में कन्नड़ फिल्म 'सिल्क सक्कथ हॉट' आई, जिसमें पाकिस्तानी अभिनेत्री वीना मलिक ने प्रमुख भूमिका निभाई। फिर 2013 में ही 'क्लाईमैक्स' नाम की एक मलयालम फिल्म आई। इसमें सना खान ने सिल्क स्मिता का किरदार निभाया। इसके अलावा 2023 में आई तमिल फिल्म 'मार्क एंटनी' में सिल्क स्मिता का किरदार दिखाया गया है, जिसे विष्णु प्रिया गांधी ने निभाया है।
संघर्षों भरा बीता जीवन, अपनों ने ही उठाया फायदा
सिल्क स्मिता ने अपने करियर में बुलंदी और मशहूरियत तो काफी देखी। लेकिन उनका पूरा जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा। जिन लोगों पर सिल्क ने भरोसा किया उन्होंने कहीं न कहीं सिर्फ उनका फायदा ही उठाया। परिवार, पति, दोस्त और प्यार सभी ने सिल्क को अपने-अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। जिन लोगों ने उनकी मदद भी की, उन्हीं ने सिल्क को सिर्फ कामुकता का एक प्रतीक बनाकर रख दिया। नतीजा लोग उन्हें उनके अभिनय और उनके डांस से ज्यादा उनके बोल्ड सीन और उनकी कामुकता के लिए जानते हैं। यही कारण है कि इस इंडस्ट्री ने उन्हें नाम, शोहरतें और पैसा तो दिया, लेकिन उन्हें सिर्फ एक कामुकता का प्रतीक और कामुक फिल्मों की अभिनेत्री बना कर रख दिया।
आज भी रहस्य बनी हुई है सिल्क स्मिता की मौत
कहते हैं कि चारों ओर फैंस और निर्माता-निर्देशकों से घिरे रहने के बावजूद सिल्क स्मिता अंदर ही अदर काफी अकेली थीं। लोगों ने इस कदर उनका इस्तेमाल किया और फायदा उठाया कि वह महसूस करने लगीं कि उन्हें प्यार करने वाला कोई नहीं। इस वजह से वो शराब की आदी बन गईं। अंत में 23 सितंबर 1996 को वो दिन आया जब सिल्क स्मिता की मौत की खबर दुनिया को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पंखे से लटककर जान दे दी थी। हालांकि, कई चश्मदीदों का का कहना है कि मरने के बाद भी उनका चेहरा बहुत खूबसूरत दिख रहा था। जबकि अगर कोई फांसी लगाता है तो जीभ बाहर निकल आती है, लेकिन स्मिता के साथ ऐसा नहीं था। इसलिए आज 29 साल बाद भी सिल्क स्मिता की मौत एक रहस्य बनी हुई है।