शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी
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शायना एनसी ने क्या कहा?
शायना एनसी ने ANI से बात करते हुए कहा, 'हम सभी जानते हैं कि गुटखा और पान मसाला सेहत के लिए कितने खतरनाक हैं। हमारे नेता एकनाथजी शिंदे ने कुछ दिन पहले FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे जी से मुलाकात की थी। मुझे लगता है कि सही दिशा में उठाए गए हर कदम को जनहित में लिया गया फैसला माना जाना चाहिए'।
- शाइना ने उन सेलिब्रिटीज की जिम्मेदारी के बारे में भी बात की, जो विज्ञापनों के जरिए उत्पादों का प्रचार करते हैं।
- उन्होंने कहा कि कई लोग एक्टर्स को रोल मॉडल मानते हैं, इसलिए उन्हें जनता तक पहुंचाए जाने वाले संदेश को लेकर सावधान रहना चाहिए।
- उन्होंने आगे कहा, 'यह मामला सिर्फ मशहूर हस्तियों के किसी मकसद का समर्थन करने का नहीं है, बल्कि समाज में उनके रोल मॉडल होने और लोगों के लिए सही विचार रखने का है, ताकि लोग उनका अनुसरण कर सकें'।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र FDA ने शुक्रवार को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को इलायची ब्रांड के विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए। आरोप है कि यह विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला का सरोगेट विज्ञापन हो सकता है।
- विभाग का कहना है कि यह विज्ञापन 'खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006' और इसके संशोधित नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन कर सकता है।
- इस सप्ताह जारी किए गए नोटिस में तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- यह कार्रवाई तब की गई है जब महाराष्ट्र FDA ने तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला उत्पादों के खिलाफ अपनी जांच तेज कर दी है।
- FDA के अनुसार, विज्ञापन एक ऐसे ब्रांड से जुड़ाव बनाता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है।
- नियामक ने FSS Act की धारा 24 और 53 का हवाला देते हुए विज्ञापन और तीनों अभिनेताओं की भूमिका की जांच शुरू की है।
- रेगुलेटर ने महाराष्ट्र सरकार के एक आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें 13 जुलाई, 2026 को जारी आदेश में बताई गई तारीख से एक साल तक राज्य में इस उत्पाद के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर रोक लगाई गई है।
बढ़ी फिल्मी सितारों की मुश्किलें
विमल इलायची के विज्ञापन में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी ने इसे खासा चर्चित बनाया है। अब FDA की जांच इस बात पर केंद्रित है कि विज्ञापन वास्तव में इलायची जैसे अलग उत्पाद का प्रचार करता है या इसके जरिए प्रतिबंधित विमल पान मसाला ब्रांड की पहचान और बाजार में उसकी मौजूदगी को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।