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एक्सक्लूसिव: अधूरा रह गया नाना का आखिरी वादा, तीन दिन बाद इस शो पर जाने वाले थे; शेखर सुमन ने सुनाया किस्सा

सार

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर आकस्मिक निधन से पूरा बॉलीवुड हैरान है। इसी बीच अभिनेता शेखर सुमन ने उनसे जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि नाना का उनसे किया वादा अधूरा ही रह गया।
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नाना के निधन पर क्या बोले शेखर सुमन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार तड़के निधन हो गया। उन्हें गोवा के अस्पताल ले जाया गया जहां उनके निधन का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया गया। नाना के आकस्मिक निधन से पूरा बॉलीवुड गमगीन है। इसी बीच अभिनेता शेखर सुमन ने अमर उजाला के साथ नाना से जुड़ा एक किस्सा साझा किया।
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पढ़िए शेखर की जुबानी...

'नाना सर को मेरे शो पर आना था। वह आने ही वाले थे। करीब तीन दिन बाद उन्हें मेरे शो पर आना था। कुछ दिन पहले ही हमारी बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि गणेश उत्सव खत्म होने दीजिए, मैं जरूर आऊंगा। 26-27 तारीख को भी उनसे बात हुई थी। उन्होंने मुझसे तारीख मांगी थी। मैंने कहा था कि सेट के आसपास शूट कर लेते हैं।
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फिर उन्होंने मुझे मैसेज किया कि मैं गोवा में शूटिंग कर रहा हूं। इसे खत्म करने दीजिए, उसके बाद मैं आपके शो पर आऊंगा। उन्होंने कहा था कि सबसे पहले मैं आपके शो पर ही आऊंगा। और आज वह हमारे बीच नहीं हैं। यह यकीन करना ही मुश्किल है। जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है। इंसान अभी यहां होता है और अगले ही पल नहीं होता। बस एक धड़कन रुकती है और सब खत्म हो जाता है।

नाना ऐसे इंसान थे, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सिनेमा और इंसानियत के लिए समर्पित कर दी। वह एक बेहद शानदार इंसान थे। निडर थे, ईमानदार थे। एक बेहतरीन अभिनेता होने के साथ-साथ बहुत अच्छे इंसान भी थे। उनकी सबसे बड़ी खूबी उनकी सादगी थी।






मैं उनके बेहद करीब था, क्योंकि हमने एक फिल्म में साथ काम किया था। उस फिल्म की शूटिंग के दौरान हमने दिन-रात साथ समय बिताया था। दुर्भाग्य से वह फिल्म रिलीज नहीं हो पाई, लेकिन उस दौरान मुझे नाना को बहुत करीब से जानने का मौका मिला। मैंने जाना कि एक अभिनेता के तौर पर वह अपने किरदार को किस तरह देखते थे और एक इंसान के तौर पर इंसानियत, अपने देश और अपने समाज के बारे में क्या सोचते थे।

राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर भी वह बहुत जागरूक थे। वह अपनी बात बेबाकी से रखते थे। यही बात मुझे उनके बारे में सबसे ज्यादा पसंद थी। उनके जाने से एक अपूरणीय क्षति हुई है। मैं अभी भी यह मानने को तैयार नहीं हूं कि नाना हमारे बीच नहीं हैं। हम लगातार फोन पर बात कर रहे थे और मैं बस उनसे अपने शो पर आने की बात करने से चूक गया।'
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