कोर्ट ने नहीं भेजा नोटिस
उन्होंने आगे कहा, 'मैं माननीय जज का बहुत शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इस केस को खारिज कर दिया। यह मेरे लिए हैरान करने वाला था। मैं तो इसे बहुत पहले ही भूल चुका था। मुझे न तो कोई नोटिस भेजा गया और न ही अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया। भगवान का शुक्र है। जरा सोचिए कि कुछ लोग कोर्ट का कीमती समय कैसे बर्बाद करते हैं। वह बेकसूर नागरिकों को परेशान करते हैं। आखिरकार इंसाफ की जीत हुई।'
क्या थे आरोप?
आपको बता दें कि यह मामला 2010 का है, जब सोनी टीवी के एक प्रोग्राम में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां दिखाए जाने को लेकर एक शिकायत दर्ज की गई थी। सुमन और सिंह के साथ-साथ, चैनल और एक स्क्रिप्ट राइटर का नाम भी एफआईआर में शामिल था। रजा एकेडमी के एक प्रतिनिधि की तरफ से दायर शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भारती ने कुरान की एक आयत का जिक्र करते हुए मजाक उड़ाया था, जिसे बाद में उस एपिसोड के दौरान सुमन ने भी दोहराया था।