दिग्गज फिल्ममेकर शेखर कपूर ने उनकी कल्ट फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ को ओटीटी पर एडिट करने पर नाराजगी जाहिर की है। शेखर कपूर का कहना है कि उनसे सहमति लिए बिना ही ओटीटी प्लेटफॉर्म ने उनकी फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ को इतना अधिक एडिट कर दिया है कि वह अब पहचान से परे हो गई है। फिर भी निर्देशक के रूप में उन्हें ही दिखाया गया है। शेखर ने सवाल किया कि क्या हॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म में बिना उनकी सहमति के ऐसे बदलाव किया जा सकता है।
सुधीर मिश्रा ने दी प्रतिक्रिया
ये पूरा मामला तब चर्चा में आया जब शेखर कपूर ने ट्वीटर पर नेटफ्लिक्स की मिनी सीरीज एडोलसेंस की तारीफ की। शेखर कपूर के इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म निर्देशक सुधीर मिश्रा ने इसे रिट्वीट करते हुए लिखा, “कोई भी हमें ऐसा कुछ नहीं करने देगा। इसे एक स्वतंत्र फिल्म के रूप में करना चाहिए। हमारी अपनी कोई चीज जो भटकती है, फिर रुकती है, खोदती है और जहां गंध हमें ले जाती है वहां जाती है।”
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शेखर कपूर ने जताई नाराजगी
सुधीर मिश्रा के इस पोस्ट पर जवाब देते हुए निर्देशक शेखर कपूर ने लिखा, “मुझे आश्चर्य है, क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म मुझे बैंडिट क्वीन बनाने देंगे, जैसे सालों पहले मैंने इसे बनाया था। अमेजन प्राइम वीडियो पर बैंडिट क्वीन मेरी फिल्म से पहचान में नहीं आ रही है। किसी ने इसे पहचान से परे काट दिया है। फिर भी इसमें निर्देशक के रूप में मेरा नाम है। सबसे बड़ी बात कि किसी ने मुझसे पूछा तक नहीं। क्या हम पश्चिमी निर्देशकों (हॉलीवुड के निर्देशकों) से कमतर हैं? क्या उनमें क्रिस नोलन की फिल्म को उनकी अनुमति के बिना काटने की हिम्मत होगी?”
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फूलन देवी के जीवन पर आधारित है ‘बैंडिट क्वीन’
शेखर कपूर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ फूलन देवी के जीवन पर आधारित है। फिल्म में सीमा बिस्वास ने फूलन देवी की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी और निर्मल पांडे समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म काफी हिट रही थी और इसकी प्रशंसा भी की गई थी। बैंडिट क्वीन को हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला हुआ है। यही नहीं 67वें अकादमी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए भी बैंडिट क्वीन भारत की ओर से ऑफिशियल एंट्री थी, लेकिन इसे नामांकित नहीं किया गया था।