कुश सिन्हा, सोनाक्षी सिन्हा और सुहैल नायर
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सरनेम सिर्फ दरवाजा खोलता है, फिल्म नहीं बनाता
फिल्मी परिवार से आने को लेकर कुश ने स्पष्ट रूप से कहा कि सच कहूं तो, नाम से आपको सिर्फ दरवाजा खुलवाने में मदद मिलती है। हां, लोग जल्दी मिल लेते हैं। लेकिन उसके बाद आपकी स्क्रिप्ट और आपकी सोच ही है जो बात करती है। कोई भी सिर्फ इसलिए फिल्म प्रोड्यूस नहीं करता कि आप शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे हैं या सोनाक्षी के भाई हैं। अगर उन्हें लगता है कि आपमें वाकई कुछ कहने का और दिखाने का दम है, तभी वो पैसा लगाएंगे। यही रियलिटी है इस इंडस्ट्री की। टैलेंट और मेहनत ही टिकती है, सरनेम नहीं।
सोनाक्षी को सेट पर बहन नहीं, एक्टर समझा
सोनाक्षी सिन्हा को डायरेक्ट करने पर कुश ने कहा कि मैंने सेट पर जाने से पहले ही तय कर लिया था कि सोनाक्षी को मैं बतौर बहन नहीं, एक प्रफेशनल एक्टर के रूप में ही ट्रीट करूंगा। जब तक मैं खुद क्लियर नहीं होऊंगा, तब तक मेरी टीम भी मुझे सीरियस नहीं लेगी। इसलिए सेट पर हर कोई बराबरी पर था। सोनाक्षी भी एकदम को-ऑपरेटिव थीं। उन्होंने कभी ये फील नहीं कराया कि वो घर की हैं।
स्क्रीन नहीं मिली, इसलिए फिल्म टालनी पड़ी
फिल्म की रिलीज में देरी के सवाल पर भी कुश ने खुलकर बात की। उन्होंने बताा कि हमें टेक्निकल वजहों से कुछ महीने की देरी हुई। फिर जब फिल्म पूरी हो गई, तो दूसरी दिक्कत सामने आई स्क्रीन को लेकर। उस वक्त कई बड़ी फिल्में लाइन में थीं। हम प्रमोशन कर रहे थे, पोस्टर हर जगह लगे थे, लेकिन स्क्रीन नहीं मिली। आप सोचिए फिल्म तैयार है, ऑडियंस देखना चाहती है, लेकिन जगह ही नहीं मिल रही। इसलिए रिलीज टालनी पड़ी।
शत्रुघ्न सिन्हा, कुश सिन्हा, सोनाक्षी सिन्हा, लव सिन्हा और पूनम सिन्हा
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