Shankar Mahadevan: शंकर महादेवन ने आगे कहा, "उनके जाने से संगीत जगत में खालीपन आ गया है। अब तबले से वह आवाज नहीं आएगी, जो उनके बजाने से आती थी। यह वह नुकसान है, जिसकी भरपाई कोई भी नहीं कर सकता है। हमने अगले महीने एक संगीत कार्यक्रम की योजना बनाई थी, जो अब कभी भी नहीं हो पाएगा।"
उस्ताद अल्ला रक्खा खां के पुत्र पद्म विभूषण उस्ताद जाकिर हुसैन का सोमवार सुबह अमेरिका में निधन हो गया। जाकिर हुसैन के निधन से पूरे संगीत जगह में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। सोशल मीडिया पर फैंस से लेकर बॉलीवुड सेलेब्स संगीतकार को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अब हाल ही में, शंकर महादेवन ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है और संगीतकार को याद कर कहा है कि अब तबले में से कभी भी इस तरह की आवाज नहीं आएगी, जो जाकिर हुसैन के हाथों से आती थी।
विज्ञापन
जाकिर हुसैन को याद कर बोले शंकर महादेवन
हाल ही में, पीटीआई के साथ एक साक्षात्कार में शंकर महादेवन ने कहा, "मैंने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया है, जो मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थे, उन्होंने मेरे संगीत करियर में काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वह मेरे गुरु थे, जिनसे मैंने हमेशा सीखा है। उनको देखकर ही संगीत करने की ललक पैदा होती थी। वह ज्ञान के भंडार थे। वह दुनिया के सबसे महान व्यक्ति थे, जिनकी जगह कोई नहीं ले सकता है।"
संगीत जगत में खालीपन आ गया: शंकर महादेवन
शंकर महादेवन ने आगे कहा, "उनके जाने से संगीत जगत में खालीपन आ गया है। अब तबले से वह आवाज नहीं आएगी, जो उनके बजाने से आती थी। यह वह नुकसान है, जिसकी भरपाई कोई भी नहीं कर सकता है। हमने अगले महीने एक संगीत कार्यक्रम की योजना बनाई थी, जो अब कभी भी नहीं हो पाएगा। शक्ति का लाइव एल्बम अभी मिक्स और मास्टर किया जा रहा है और हम इसे जल्द ही रिलीज करने वाले थे।"
लाइव एल्बम का हिस्सा बनने पर बोले शंकर महादेवन
लाइव एल्बम का हिस्सा बनने को लेकर शंकर महादेवन ने कहा, "मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे उनके साथ रहने, उनके साथ खाने और पल साझा करने का मौका मिला, उन्होंने हमें पिछले कुछ सालों में इतना कुछ दिया है कि हम आने वाले सालों में इसका जश्न मना सकें।"