शाहरुख की आमिर से तुलना
लिलिपुट ने शाहरुख खान के स्क्रिप्ट चुनने के बारे में कहा 'आप पूरी ईमानदारी से काम कर सकते हैं, और शाहरुख जरूर ईमानदारी से काम करते हैं। इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन बहुत से लोगों को स्क्रिप्ट की समझ नहीं होती। हो सकता है कि उनमें भी न हो। और यह कोई शर्मनाक या बुरी बात नहीं है।' उन्होंने कहा 'क्योंकि शाहरुख की फिल्में देखने के बाद, ऐसा लगता है कि उनमें आमिर खान जैसी स्क्रिप्ट की समझ नहीं है।'
लिलिपुट का वर्कफ्रंट
लिलिपुट ने 1985 में फिल्म 'सागर' से बॉलीवुड में कदम रखा। वह 'आंटी नम्बर वन' और 'स्वर्ग' जैसी फिल्मों में नजर आए। आखिरी बार उन्हें फिल्म 'गुस्ताख इश्क' में देखा गया था।