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'अगर आप किसी को लाइन नहीं दे रहे तो...'; संचिता उगले की मौत के बाद टीवी इंडस्ट्री पर फूटा इस अदाकारा का गुस्सा

Tue, 16 Jun 2026 02:18 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Sanchita Ugale Death: 'कुमकुम भाग्य' और 'छावा' में काम करके पहचान बनाने वाली संचिता उगले की मौत मामले में जांच जारी है। संचिता ने आत्महत्या कर जान दी। उनके निधन के बाद टीवी एक्ट्रेस आंचल खुराना ने टीवी इंडस्ट्री पर सवाल उठाए हैं।
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आंचल खुराना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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युवा अभिनेत्री संचिता उगले ने 14 जून को आत्महत्या कर ली। उन्होंने 'कुमकुम भाग्य'; 'साजन घर' और 'दिलवाली दूल्हा ले जाएगी' जैसे कई चर्चित शो में काम किया था। संचिता की मौत के बाद एक्ट्रेस आंचल खुराना ने टीवी जगत पर नाराजगी जाहिर करते हुए कुछ सवाल किए हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में काम के दबाव और काम करने के तरीकों पर भी बात की।

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बोलीं- 'वहां रिप्लेस करना बहुत आसान है'
आंचल खुराना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से बीते दिन एक वीडियो शेयर किया था। इसमें वे काफी परेशान नजर आईं। उन्होंने संचिता के निधन पर दुख जताते हुए टीवी इंडस्ट्री के काम के ऐसे ढर्रे का खुलासा किया, जिससे कलाकारों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। आंचल का कहना है कि टीवी जगत में अगर आप किसी को लाइन नहीं दे रहे तो आपको रिप्लेस करना वहां बहुत ही आसान है।

पता है, एक एक्टर किन हालातों से गुजरता है?
आंचल वीडियो में कह रही हैं, 'एक एक्टर ने सुसाइड कर लिया। चैनल को टीआरपी चाहिए, प्रोड्यूसर को बजट बचाना है और दर्शकों को मनोरंजन चाहिए। लेकिन इसके पीछे क्या आपने कभी सोचा है कि एक एक्टर किन हालातों से गुजरता है? एक छोटी सी बात पर रिप्लेसमेंट। किसी के साथ सोओगे नहीं तो रिप्लेसमेंट, किसी से बहस कर लोगे तो रिप्लेसमेंट। अपना आत्म-सम्मान बचाओगे तो रिप्लेसमेंट'। 
 

कौन सा डर बहुत भारी पड़ता है?
आंचल ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है, 'हो सकता है कि इससे चैनल और प्रोड्यूसर नाराज हो जाएं, लेकिन सच तो यही है। मैं कैमरे के सामने मुस्कुराती हुई खड़ी रहती हूं, लेकिन अंदर एक तूफान चल रहा होता है। हर दिन हम अगले ऑडिशन, उस एक लाइन या अपने सपने को पाने की कोशिश में जागते हैं। जो चीज किसी को दिखाई नहीं देती। जिस पर कोई ध्यान नहीं देता, वह है हमारी थकान। प्रासंगिक बने रहने का दबाव और भुला दिए जाने का डर बहुत भारी पड़ता है। वे यह नहीं देख पाते कि बंद दरवाजों के पीछे हम अंदर से कैसे टूट जाते हैं'।
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बोलीं- 'मुझे मत सिखाओ'
साझा किए गए वीडियो में आंचल कहती दिख रही हैं कि वे अपने माता-पिता के पास दिल्ली लौट आई हैं। आंचल ने कहा कि ऐसी मुश्किल परिस्थितियों कलाकारों को अपने परिवार का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे खुद भी अवसाद और तनाव से गुजर चुकी हैं। वे अपने परिवार के पास लौट आईं। आज मंगलवार को इंस्टाग्राम पर आंचल ने एक अन्य वीडियो शेयर किया है। इसमें वे कहती नजर आ रही हैं, 'मुझे मत सिखाओ, सब्र, तमीज और कैरेक्टर की तस्बीह। मैंने खुद को वहां से उठाया है, जहां लोग पंखे से लटक जाते हैं'। इसके साथ लिखा है, 'मैं वही कहती हूं, जिसमें खुद यकीन करती हूं। फिर चाहें मैं अकेले क्यों न हो जाऊं। पसंद किए जाने से ज्यादा मेरे लिए अपने प्रति सच्चा होना जरूरी है'।
 
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