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Snehiil Dixit: 'माता-पिता को प्रभु तुल्य माना जाता है', संवाद में अल्लाहबादिया विवाद पर बोलीं 'बीसी आंटी'

Fri, 18 Apr 2025 06:39 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Amar Ujala Samwad 2025: सोशल मीडिया की दुनिया में 'बीसी आंटी' के नाम से लोकप्रिय अभिनेत्री, क्रिएटिव डायरेक्टर और लेखक स्नेहिल दीक्षित मेहरा ने आज शुक्रवार को लखनऊ में चल रहे संवाद में शिरकत की। यहां उन्होंने रणवीर अल्लाहबादिया मामले पर भी प्रतिक्रिया दी।
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स्नेहिल दीक्षित मेहरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला के दो दिवसीय वैचारिक संगम संवाद कार्यक्रम का आगाज गुरुवार 17 अप्रैल से लखनऊ में गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ। आज शुक्रवार को संवाद के दूसरे दिन यहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेट क्रिएटर, क्रिएटिव डायरेक्टर स्नेहिल दीक्षित मेहरा शिरकत करने पहुंचीं, जिन्हें लोग 'बीसी आंटी' के नाम से जानते हैं। स्नेहिल ने कहा कि सोशल मीडिया जैसे मंच पर लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारियां भी बनती हैं। 

 

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स्नेहिल दीक्षित मेहरा - फोटो : अमर उजाला
'माता-पिता प्रभु तुल्य होते हैं'
स्नेहिल से जब रणवीर अल्लाहबादिया की आपत्तिजनक टिप्पणी मामले का जिक्र किया गया और पूछा गया कि क्या कंटेंट क्रिएशन में सीमा नहीं होनी चाहिए? इस पर उन्होंने कहा, 'एक शब्द होता है इन्फ्लुएंसर। बतौर इन्फ्लुएंसर मेरे राजनीतिक विचार या किसी भी चीज पर विचार, किसी को भी प्रभावित कर सकते हैं। जैसे पत्रकारों को निष्पक्ष रहना होता है। उसी तरह इन्फ्लुएंसर को भी रहना होता है। मगर, सीमा कहां लांघ दी पता भी नहीं चलता। फिर, जहां माता-पिता को प्रभु तुल्य माना जाता है, वहां और जिम्मेदारी बढ़ जाती है'। 

स्नेहिल दीक्षित मेहरा - फोटो : अमर उजाला
'बेतुकी बातें कहकर फेमस होने का चस्का गड़बड़ है'
रणवीर अल्लाहबादिया मामले पर बोलते हुए स्नेहिल ने आगे कहा, 'बोलने की आजादी जरूरी है। लेकिन, क्या बोलना है यह जिम्मेदारी आपकी है। वायरल होने का एक चस्का लग जाता है। लोग सोचते हैं कि ऐसा कुछ कह दें कि लोग कमेंट बॉक्स में आकर लड़ लें। लेकिन, कई बार एक कही गई बात दूर तलक जा सकती है। मेरा विचार थोड़ा सा रुढ़िवादी है। मेरी एक उम्र भी है। मैं इस प्लेटफॉर्म पर कहना चाहती हूं कि संस्कार पकड़कर रहेंगे, पैर जमीन पर होंगे तो ही आसमान में उड़ सकते हैं। बेतुकी बातें कहकर फेमस होने का चस्का गड़बड़ है'।

'मैं स्टेज पर कभी गाली नहीं देती'
स्नेहिल ने आगे कहा, 'मैंने इंडस्ट्री में करीब 18 साल काम किया और मैंने बहुत बड़े-बड़े चैनल और शोज पर काम किया। खूब लिखा। 'अपहरण' की वजह से मैं 'बीसी आंटी' बनी। मैं इसमें गाली देकर ही फेमस हुई हूं, लेकिन स्टेज पर कभी गाली नहीं देती। वो एक किरदार था 'अपहरण' में जो मैंने किया और खत्म हो गया। मैं कभी किसी स्टेज पर पब्लिक अपीयरेंस में गलत शब्दों का प्रयोग नहीं करती'। 
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फिल्म लेखन पर चल रहा काम
स्नेहिल ने कहा, 'मुझे देखकर पैपराजी कहते हैं, 'एजी, गाली नहीं दी'। मैं हमेशा कहती हूं, 'कल दूंगी' और ऐसे कहकर टाल देती हूं, क्योंकि मैंने गाली फिल्म में एक किरदार निभाते हुए दी थी। मैं रियल लाइफ में ऐसा नहीं कर सकती'। स्नेहिल ने आगे बताया कि वे एक फिल्म लिख रही हैं। यह महिला सशक्तीकरण पर आधारित होगी। 

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