'ओमकारा के सेट पर क्रिएटिव माहौल था'
सैफ अली खान ने कहा कि करीब 25 साल पहले फिल्म इंडस्ट्री में एक तरह की मासूमियत थी, जिसे वे बहुत याद करते हैं। एक्टर ने आगे कहा, 'हर चीज के प्रति एक नया नजरिया था। फिल्म बनाने और जिंदगी, दोनों के ही मामले में। सैफ अली खान ने 'ओमकारा' के बारे में कहा, 'फिल्म 'ओमकारा' के सेट पर माहौल बहुत क्रिएटिव था। विशाल भारद्वाज बहुत शानदार रहे। उन्होंने एक नई भाषा को नए अंदाज में बोलने और किसी बिल्कुल अलग तरह के किरदार में ढलने का मौका दिया, यह आजादी मिलना और इसका अहसास रोमांचक था'।
'एकदम हटकर चीजें करने का मौका मिला'
शेक्सपियर के नाटक ‘ओथेलो’ से प्रेरित इस फिल्म में सैफ अली खान ने मुख्य विलेन, ईश्वर ‘लंगड़ा त्यागी’ का किरदार निभाया था। एक्टर ने बताया कि ‘ओमकारा’ ने उन्हें अपने व्यक्तित्व के नए पहलुओं को जानने का मौका दिया। यह एक बिल्कुल नया और चुनौतीपूर्ण अनुभव था, जो उन्हें उस समय बहुत पसंद आया। सेट पर बिताए समय को याद करते हुए सैफ ने कहा, 'मुझे ऐसी चीजें करने का मौका मिला, जो हम उन प्यारी, मजेदार रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों में कभी नहीं कर पाते, जिनमें हम उस समय काम कर रहे थे'।
विशाल भारद्वाज ने किया था ये सवाल
उन्होंने 'ओमकारा' में अपने उस सीन पर बात की, जिसमें वे आईने के सामने खड़े होकर लंबा संवाद (मोनोलॉग) बोलते हैं। उन्होंने बताया कि उस समय डायरेक्टर विशाल ने उनसे पूछा था कि क्या वह बिना कपड़ों के यह सीन कर पाएंगे? उस पल को याद करते हुए सैफ अली खान हंसे और कहा, 'मुझे याद है विशाल जी ने पूछा था, 'क्या आपको बिना कपड़ों के यह करने में कोई दिक्कत होगी'? इस पर सैफ ने भी तुरंत जवाब देते हुए कहा था, 'सुनिए, अगर आप मुझे बिना कपड़ों के डायरेक्ट करेंगे, तो मैं यह सीन करूंगा'। सैफ अली खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो उनकी अगली फिल्म 'हैवान' है, जो 11 सितंबर को रिलीज होगी।