फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Robert De Niro: 'टैक्सी ड्राइवर' से 'द डियर हंटर' तक; रॉबर्ट डी नीरो के यादगार किरदार, दो के लिए मिला ऑस्कर

Sun, 17 Aug 2025 02:36 AM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Robert De Niro Birthday: हॉलीवुड अभिनेता और निर्देशक रॉबर्ट डी नीरो आज अपना 82वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर चलिए जानते हैं उनके कुछ यादगार किरदारों के बारे में।
विज्ञापन
रॉबर्ट डी नीरो - फोटो : एक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जब भी हॉलीवुड के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं की बात होती है, तो रॉबर्ट डी नीरो का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। डी नीरो सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से सिनेमा को एक नई पहचान दी। 17 अगस्त 1943 को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में जन्मे रॉबर्ट डी नीरो ने अभिनय की दुनिया में वो मुकाम हासिल किया, जो बहुत कम कलाकारों के हिस्से आता है। उन्होंने सिर्फ किरदार नहीं निभाए, बल्कि उन्हें जिया, उनमें सांस ली और दर्शकों को यह यकीन दिला दिया कि पर्दे पर जो दिख रहा है, वह अभिनय नहीं, हकीकत है।

विज्ञापन


शुरुआती जीवन से अभिनय की ओर
रॉबर्ट डी नीरो एक कला से जुड़े परिवार में पले-बढ़े। उनके माता-पिता चित्रकार थे, लेकिन उनका जीवन आसान नहीं रहा। माता-पिता के अलग होने के बाद उनका पालन-पोषण उनकी मां ने किया। शुरुआती शिक्षा के दौरान ही डी नीरो को अभिनय में रुचि हो गई थी। मात्र 10 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल के एक नाटक में 'कायर शेर' की भूमिका निभाई और वहीं से शुरू हुआ उनका अभिनय का सफर।

रॉबर्ट डी नीरो - फोटो : एक्स
डी नीरो ने प्रतिष्ठित संस्थानों से ली ट्रेनिंग
डी नीरो ने एक्टर्स स्टूडियो, स्टेला एडलर कंजर्वेटरी और एचबी स्टूडियो जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से अभिनय की विधिवत शिक्षा ली। उनकी ट्रेनिंग ने उन्हें वो गहराई और समझ दी, जिसकी झलक हर किरदार में दिखती है।

अभिनय के ‘गॉडफादर’!
डी नीरो का फिल्मी करियर 1968 की फिल्म 'ग्रीटिग्स' से शुरू हुआ। लेकिन 1974 में आई ‘द गॉडफादर पार्ट II’ ने उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर स्टार बना दिया। इस फिल्म में उन्होंने युवा विटो कोरलियोन का किरदार निभाया, जो आगे चलकर माफिया डॉन बनता है। इस रोल के लिए उन्हें ऑस्कर मिला और यह साबित हो गया कि डी नीरो अभिनय की दुनिया में लंबी पारी खेलने आए हैं।

रॉबर्ट डी नीरो - फोटो : एक्स
टैक्सी ड्राइवर
साल 1976 में रिलीज हुई ‘टैक्सी ड्राइवर’ में ट्रैविस बिकल का किरदार आज भी हर सिनेप्रेमी के दिल में बसा हुआ है। एक युद्धवापसी टैक्सी ड्राइवर, जो समाज की गंदगी से निराश होकर खुद ही न्याय का ठेका ले लेता है। डी नीरो की डायलॉग डिलीवरी 'यू टॉकिन टू मी?' आज भी फिल्मों की सबसे आइकॉनिक लाइनों में गिनी जाती है।

रेजिंग बुल
साल 1980 में आई ‘रेजिंग बुल’ में डी नीरो ने बॉक्सर जेक लामोटा का किरदार निभाया। इस रोल के लिए उन्होंने ना सिर्फ बॉक्सिंग सीखी, बल्कि अपने शरीर का वजन भी काफी बढ़ाया। यह फिल्म सिर्फ एक बॉक्सर की कहानी नहीं, बल्कि आत्मसंघर्ष और आत्म-विनाश की गाथा है। इस रोल ने उन्हें एक बार फिर ऑस्कर दिलाया और अभिनय की दुनिया में उनका नाम ‘परफेक्शन’ का पर्याय बन गया।

द डियर हंटर
1978 की फिल्म ‘द डियर हंटर’ डी नीरो के करियर का एक और बेहतरीन अध्याय है। उन्होंने माइकल व्रोनस्की की भूमिका निभाई, जो वियतनाम युद्ध में अपने दोस्तों के साथ जाता है और वहां की त्रासदी उनके जीवन को पूरी तरह बदल देती है। डी नीरो के शानदार अभिनय ने इस फिल्म को क्लासिक बना दिया।

रॉबर्ट डी नीरो - फोटो : Rolling Stone
द अनटचेबल्स
1987 में ‘द अनटचेबल्स’ में डी नीरो ने कुख्यात गैंगस्टर अल कैपोन का किरदार निभाया। यह रोल उनके अभिनय की रेंज को दिखाता है- जहां एक ओर वह दिल को छू लेने वाले किरदार करते हैं, वहीं दूसरी तरफ वह निर्दयी अपराधियों को भी पूरी गहराई के साथ निभा सकते हैं।

रॉबर्ट ने अलग-अलग जोनर में किया काम
डी नीरो ने केवल गंभीर और अपराध आधारित फिल्मों में ही नहीं, बल्कि कॉमेडी फिल्मों में भी अपनी छाप छोड़ी है। ‘मीट द पेरेटंस्’ से लेकर ‘द इंटर्न’ तक, उन्होंने हर जोनर में खुद को साबित किया है। कॉमेडी में भी उनकी टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस उतनी ही शानदार रही, जितनी गंभीर किरदारों में।

ये खबर भी पढ़ें: Raj Kundra: धोखाधड़ी के आरोप पर राज कुंद्रा का नया बयान जारी, बोले - 'मुझे निशाना बनाया जा रहा है'
विज्ञापन

रॉबर्ट डी नीरो - फोटो : एक्स
निर्देशन और निर्माण में भी कमाल
डी नीरो ने न सिर्फ अभिनय किया, बल्कि उन्होंने फिल्मों का निर्देशन और निर्माण भी किया। ‘ए ब्रॉन्क्स टेल’ और ‘द गुड शेफर्ड’ जैसी फिल्मों का निर्देशन उन्होंने खुद किया। 1989 में उन्होंने ‘ट्राइबेका प्रोडक्शंस’ की स्थापना की और 2002 में ‘ट्राइबेका फिल्म फेस्टिवल’ की नींव रखी। ये पहलें आज न्यूयॉर्क के सांस्कृतिक परिदृश्य का अहम हिस्सा हैं।

सम्मान और उपलब्धियां
डी नीरो को दो अकादमी पुरस्कार, एक गोल्डन ग्लोब, प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम और स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। उनकी छह फिल्मों को यूएस नेशनल फिल्म रजिस्ट्री में शामिल किया गया है और टाइम आउट पत्रिका की 100 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में उनकी सात फिल्में शामिल हैं।

आज भी उतने ही प्रासंगिक
हाल ही में 'किलर्स ऑफ द फ्लावर मून' (2023) और आने वाली सीरीज ‘जीरो डे’ (2025) में उनकी भूमिकाएं इस बात की गवाही देती हैं कि डी नीरो का सितारा आज भी उतनी ही चमक के साथ फिल्म जगत में टिका हुआ है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें