कहा- 'उन्होंने मेरे पिता को पहला ब्रेक दिया'
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में रवीना टंडन ने दिग्गज अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार के बारे में कहा, 'हम उन्हें कभी नहीं भूल सकते। वे मेरे बहुत करीब थे। उन्होंने मेरे पिता को 'बलिदान' में पहला ब्रेक दिया था। मेरे पिता उनके बहुत करीब थे'। रवीना ने आगे कहा, 'मनोज कुमार समय से बहुत आगे थे। जब उन्होंने 'जब जीरो दिया मेरे भारत ने' गाना फिल्माया, तब भारत में रिवॉल्विंग रेस्तरां का कोई कॉन्सेप्ट नहीं था। इसलिए, उन्होंने कुछ ऐसा बनाया। वे प्रतिभाशाली शख्सियत थे। मुझे लगता है कि मेरे अंदर जो देशभक्ति है, वह उनसे, उनकी फिल्मों और मेरे पिता से आई है'।
'स्मोकिंग के लिए कर दिया था इनकार'
रवीना टंडन ने कहा, 'उनकी याद तो कभी जाएगी नहीं। हम जब से पैदा हुए हैं, हम उनके बहुत करीब रहे हैं। पापा उनके बहुत करीब रहे। वे समय से बहुत आगे थे। उनसे जुड़ी एक और घटना है कि उन्होंने जब भगत सिंह का रोल अदा किया था तो बाकी लोग बैठे स्मोकिंग रहे थे। वे उस वक्त भगत सिंह के लिबास में थे। तब किसी ने उनको भी सिगरेट दी और कहा कि एक कश ले लो, अभी शॉट में वक्त है। उन्होंने साफ मना कर दिया और कहा कि 'नहीं, जब तक मैं पग पहना हूं, और इस रोल में हूं। सरदार की पगड़ी सिर पर है तो मैं इस चीज को हाथ नहीं लगाऊंगा'।
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'उनके दिल के करीब रखकर आई हूं भारत का नक्शा'
रवीना टंडन ने कहा, 'मनोज कुमार के अंदर देशभक्ति का जज्बा हो या साईं बाबा के लिए भक्ति हो, महादेव के लिए या किसी महान हस्ती के लिए तो वह दिल से आती थी'। अभिनेत्री ने कहा, 'मैं उनके लिए आज तीनों फेवरेट चीजें लेकर आई हूं। मैं उनके लिए मैं महाकाल से रुद्राक्ष की माला लेकर आई। भारत का मैप लेकर आई, जो उनके दिल के पास लगाकर आई हूं। साईं बाबा की विभूति उनके ऊपर डालकर आई हूं। ये तीनों चीजें उनके बहुत करीब थीं और मेरे भी बहुत करीब हैं'।