प्रशंसकों से बचने के लिए नदी में लगाते थे कुर्सी
राज कुमार के व्यक्तित्व का शायद सबसे मजेदार किस्सा 'सौदागर' के एक्शन डायरेक्टर रवि दीवान ने बताया था। उस समय फिल्म की शूटिंग कुल्लू-मनाली में हो रही थी। वहां पर्यटक और नवविवाहित जोड़े कलाकारों के साथ तस्वीरें खिंचवाने पहुंचते थे। राज कुमार को भीड़ पसंद नहीं थी।
रवि दीवान ने बताया कि एक दिन राज कुमार अपनी कुर्सी उठाकर बहते हुए पानी के बीच जाकर बैठ गए। पानी घुटनों तक था। जब सुभाष घई ने इसका कारण पूछा तो राज कुमार ने जवाब दिया कि यहां फोटो खिंचाने कोई नहीं आएगा।'
जब अभिनेता ने ठुकरा दी थी 'जंजीर'
राज कुमार से जुड़ा सबसे प्रसिद्ध किस्सा 'जंजीर' को लेकर है। कहा जाता है कि प्रकाश मेहरा ने उन्हें फिल्म ऑफर की थी, लेकिन उन्होंने फिल्म इसलिए ठुकरा दी क्योंकि उन्हें निर्देशक का चेहरा पसंद नहीं आया। वहीं, कई जगह यह भी कहा जाता है कि राज कुमार ने प्रकाश महरा से कहा था कि तुम्हारे पास से बिजनौरी तेल की बदबू आ रही है। हम फिल्म तो दूर तुम्हारे साथ एक मिनट खड़ा होना भी बर्दाश्त नहीं कर सकते।
गोविंदा की शर्ट का बना दिया था रुमाल
80 के दशक की बात है उस समय गोविंदा और राज कुमार फिल्म 'जंगबाज' की शूटिंग कर रहे थे। शॉट देने के बाद गोविंदा, राज कुमार के साथ बैठ गए। गोविंदा ने जो शर्ट पहनी थी, वह राज कुमार को पसंद आई। इस बात के बारे में जब राज कुमार ने गोविंदा को बताया तो उन्होंने फौरन अपनी वह शर्ट अभिनेता को दे दी। लेकिन, कुछ दिन बाद राज कुमार गोविंदा के इसी शर्ट का रुमाल अपने जेब में डालकर घूम रहे थे।
राज कुमार का करियर और फिल्में
- अभिनेता ने अपने 40 साल के करियर में उन्होंने लगभग 70 फिल्मों में काम किया।
- 'दिल एक मंदिर' और 'वक्त' के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीता।
- अभिनेता को असली पहचान 1957 की फिल्म 'नौशेरवां-ए-आदिल' और 'मदर इंडिया' से मिली।
- इसके बाद उन्होंने 'पैगाम', वक्त, पाकीजा, 'हीर रांझा', 'लाल पत्थर', 'सौदागर' और 'तिरंगा' जैसी कई हिट फिल्में दीं।