48 घंटे के अंदर फिल्म पर लगा बैन
मनकीरत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब 'सतलुज' फिल्म को लेकर बहस जारी है। सरकार के आदेश के बाद मेकर्स ने इसे रिलीज होने के करीब 48 घंटे के अंदर ही OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटा दिया था। इससे पहले, पंजाब ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन जस्टिस रंजीत सिंह (रिटायर्ड) ने भी इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इतिहास को छिपाने के बजाय नई पीढ़ी के सामने पेश किया जाना चाहिए।
हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जज ने क्या कहा?
जसवंत सिंह खालड़ा के गुमशुदा होने के मामले में CBI की जांच का जिक्र करते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व जज ने कहा, 'लोगों ने उस पुलिस अफसर के बारे में पता करना शुरू किया, जिसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और उन्हें पता चला कि उसे जेल से रिहा कर दिया गया है। उसे संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करके रिहा किया गया था। हमारी मांग है कि उसे फिर से गिरफ्तार किया जाए और अपनी उम्रकैद की सजा पूरी करने के लिए जेल वापस भेजा जाए। मैं बस इतना ही कहूंगा कि सच, उस दौर की सच्चाई और उस समय हुए अत्याचार, मौजूदा पीढ़ी तक पहुंचाए जाने चाहिए'।
ये सितारे भी फिल्म का हिस्सा
उन्होंने आगे कहा कि इतिहास सिखाने के लिए होता है, छिपाने के लिए नहीं। आज के युवाओं को वह सच जानना चाहिए, ताकि वे समझ सकें कि असल में क्या हुआ था। केंद्र सरकार का कहना है कि फिल्म पर उसकी आपत्तियां जसवंत सिंह खालड़ा या उनकी विरासत से जुड़ी नहीं हैं। बता दें कि हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी इस फिल्म को RSVP व मैकगफिन पिक्चर्स ने प्रोड्यूस किया है। इसमें अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या भी अहम भूमिकाओं में हैं।