अमेरिकी सिंगर और एक्टर निक जोनस द्वार को-फाउंडेड एनजीओ ने बुधवार को भारत में अपने विस्तार का एलान किया है। यहां वे स्थानीय ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर मधुमेह से पीड़ित युवाओं की मदद का काम करेंगे। उनके बीच जागरुकता बढ़ाएंगे।
क्या है एनजीओ का मकसद?
'बियॉन्ड टाइप 1' संगठन की स्थापना डायबिटीज को लेकर पुरानी धारणाओं को तोड़ने के मकसद से की गई। इसका उद्देश्य यह भी है कि डायबिटीज के बाद एजुकेश, मजबूत सपोर्ट सिस्टम और देखभाल न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी बहुत जरूरी है।
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भारतीय संगठनों के साथ मिलकर काम
'बियॉन्ड टाइप 1' की सीईओ डेबोरा डुगन ने एक बयान में कहा, 'भारत में अपने विस्तार के रूप में हम उन स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जो हर दिन इन प्रणालियों का निर्माण कर रहे हैं। हम उस समुदाय के साथ खड़े हैं, जो पहले से ही डायबिटीज पीड़ितों के लिए जीवन के अर्थ में बदलाव कर रहे हैं और सकारात्मकता ला रहे हैं।
किस तरह होगा काम
यह साझेदारी जागरूकता अभियान, बीमारी के जल्दी डिटेक्शन, स्कूल और समुदाय आधारित शिक्षा और सहकर्मी समर्थन पहलों में संलग्न होगी। इसका मकसद लोगों से उनकी मौजूदा जगहों पर मिलना और प्रभावितों की जिंदगी के अनुभवों पर फोकस करना है।
प्रियंका चोपड़ा का वर्क फ्रंट
प्रियंका चोपड़ा के वर्क फ्रंट की बात करें तो इन दिनों वे अपनी आगामी अमेरिकी कॉमेडी फिल्म, ‘जजमेंट डे’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसके अलावा वे एसएस राजामौली की फिल्म 'एसएसएमबी 29' में भी नजर आएंगी। इसमें प्रियंका के अपोजिट महेश बाबू दिखाई देंगे। यह एक जंगल एडवेंचर फिल्म है। फिल्म की शूटिंग हैदराबाद, ओडिशा, केन्या और दक्षिण अफ्रीका में हुई है। इस फिल्म के लिए प्रियंका चोपड़ा ने मोटी फीस ली है।